आयकर विभाग ने शुक्रवार को आईटीआर-2 और आईटीआर-3 फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटी को जारी किया, इनका इस्तेमाल करदाताओं द्वारा कर योग्य पूंजीगत लाभ, क्रिप्टो इनकम और अन्य से प्राप्त हुई आय पर आईटीआर दाखिल करने के लिए किया जा सकता है। आयकर विभाग ने पहले केवल आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म (ऑनलाइन और एक्सेल यूटिलिटी दोनों) जारी किए थे, जिससे कुछ ही सीमित करदाताओं को स्पेसिफाइड इनकम क्लासिफिकेशन के साथ उनके आईटीआर को फाइल करने में मदद मिली।
असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आईटीआर-2 और आईटीआर-3 की एक्सेल यूटिलिटी अब लाइव हैं और फाइल करने के लिए उपलब्ध हैं
आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की, “करदाता ध्यान दें! असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आईटीआर-2 और आईटीआर-3 की एक्सेल यूटिलिटी अब लाइव हैं और फाइल करने के लिए उपलब्ध हैं।” इसमें आगे कहा गया, “आयकर विभाग के ई-फाइलिंग आईटीआर पोर्टल के डाउनलोड सेक्शन में, आप आईटीआर-2 और आईटीआर-3 यूटिलिटी डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद, आपको एक विंडोज जिप फाइल मिलेगी, जिससे एक्सेल फाइल प्राप्त की जा सकती है।”
आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार, 11 जुलाई से, आईटीआर-2 उन व्यक्तियों या एचयूएफ द्वारा फाइल किया जा सकता है, जो आईटीआर-1 (सहज) फाइल करने के पात्र नहीं हैं
आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार, 11 जुलाई से, आईटीआर-2 उन व्यक्तियों या एचयूएफ द्वारा फाइल किया जा सकता है, जो आईटीआर-1 (सहज) फाइल करने के पात्र नहीं हैं। इसके अलावा, विभाग के अनुसार, जो व्यक्ति व्यवसाय या पेशे से लाभ और हानि की आय नहीं रखते हैं और साथ ही साझेदारी फर्म से ब्याज, वेतन, बोनस, कमीशन या पारिश्रमिक के रूप में व्यवसाय या पेशे से लाभ और हानि की आय नहीं रखते हैं, वे भी आईटीआर-2 फाइल कर सकते हैं।
आयकर विभाग ने 27 मई को वित्त वर्ष 2024-25 (असेस्मेंट ईयर 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी थी
जिन व्यक्तियों की आय में अगर जोड़ी जाने वाली आय में किसी अन्य व्यक्ति जैसे पति/पत्नी, नाबालिग बच्चे आदि की आय शामिल है तो वे भी आईटीआर-2 के अंतर्गत आते हैं। आयकर विभाग ने 27 मई को वित्त वर्ष 2024-25 (असेस्मेंट ईयर 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी थी।आईटी विभाग ने कहा था कि इस विस्तार से हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं को कम करने और अनुपालन के लिए पर्याप्त समय मिलने की उम्मीद है, जिससे रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया की अखंडता और सटीकता सुनिश्चित होगी।(इनपुट-आईएएनएस)


