प्रदूषण शिकायतों के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स संयंत्र पर बढ़ी निगरानी

भारत में आईफोन निर्माण आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के होसुर स्थित संयंत्र के आसपास कथित जल प्रदूषण की शिकायतों के बाद सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को आसपास के कृषि क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया।

बेंगलुरु से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित होसुर में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह संयंत्र आईफोन के बैक पैनल और अन्य पुर्जों का निर्माण करता है। यह भारत में एप्पल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को चेतावनी दी है कि यदि कंपनी संतोषजनक जवाब नहीं देती है तो संयंत्र को बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है। बोर्ड का आरोप है कि दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच किए गए निरीक्षणों में पाया गया कि संयंत्र का अपशिष्ट जल आसपास के कृषि क्षेत्रों में स्थित खुले कुओं के भूजल को प्रभावित कर रहा है।

हालांकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा है कि उसकी स्वतंत्र जांच में सभी नियामकीय मानकों का पालन किया गया है। कंपनी ने कहा कि वह जिम्मेदार व्यावसायिक गतिविधियों तथा पर्यावरण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सोमवार को जिला प्रशासन के तीन अधिकारियों की टीम ने किसानों के साथ मिलकर संयंत्र के पीछे स्थित कृषि भूमि का निरीक्षण किया। कुछ किसानों ने जल में दुर्गंध और प्रदूषण की शिकायतें दर्ज कराई हैं।

जिला अधिकारी एन. वेलु ने कहा, “हम यहां स्थिति का आकलन करने आए हैं।” हालांकि उन्होंने इससे अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।

संयंत्र के पास खेती करने वाले किसान पी. पुष्पराज ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि संयंत्र से निकलने वाला पानी गंदा था और उसमें बदबू आती थी।

उन्होंने कहा, “हमने खेती जारी रखी, लेकिन फसल का उत्पादन पहले जैसा नहीं मिला।”

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, संयंत्र का अपशिष्ट जल परिसर के भीतर स्थित वर्षा जल संचयन तालाब में छोड़ा गया था। आरोप है कि तालाब के भर जाने के बाद पानी बहकर आसपास के कृषि क्षेत्रों के खुले कुओं तक पहुंचा और भूजल को प्रभावित किया।

-रॉयटर्स