स्वतंत्रता दिवस 2026 : उगते सूरज के रास्ते पर चलते हुए, ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले’ की शुरुआत

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ‘सूर्यपथ तिरंगा’ (Suryapath Tiranga) ग्लोबल रिले शुरू हो गई है। यह अनूठी वैश्विक यात्रा फिजी से शुरू होकर पूर्व से पश्चिम की ओर उगते सूरज के पथ का अनुसरण करते हुए दुनिया भर के भारतीय दूतावासों तक फैली है।

सूर्यपथ तिरंगा के अंतर्गत, चुनिंदा भारतीय दूतावासों और चौकियों पर समन्वित क्रम में ध्वजारोहण के माध्यम से तिरंगा विश्व भर में यात्रा करता है। जैसे ही दुनिया के किसी एक हिस्से में सूर्योदय होता है, वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, और फिर पश्चिम में स्थित अगले दूतावास या चौकी पर ध्वजारोहण होता है। इस प्रकार विश्व भर में तिरंगा की एक निरंतर श्रृंखला चलती रहती है।

यह भारत के स्वतंत्रता दिवस के अनूठे वैश्विक उत्सव का प्रतीक है। इसमें तिरंगा उगते सूरज के पथ का अनुसरण करते हुए पूरी दुनिया की यात्रा करता है।

भारतीय समयानुसार आज सुबह 1:30 बजे से 10:30 बजे तक पूर्वी से पश्चिमी देशों में स्थित 21 भारतीय दूतावासों और चौकियों ने वैश्विक ध्वजारोहण अभियान के तहत तिरंगा फहराया। यह पहल प्रतीकात्मक रूप से समय क्षेत्रों में उगते सूरज की यात्रा का अनुसरण करते हुए भारत की स्वतंत्रता, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को महाद्वीपों तक ले जाती है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 6 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा 2026 के अंतर्गत एक प्रमुख पहल, सूर्यपथ तिरंगा के शुभारंभ की भी घोषणा की थी। यह पहल हर घर तिरंगा 2026 समारोह के हिस्से के रूप में की जा रही है और इस संदेश को पुष्ट करती है कि तिरंगा भौगोलिक सीमाओं से परे है। यह दुनिया भर में भारतीयों और भारत के मित्रों को एक साथ लाता है।

यह वैश्विक रिले भारत की एकता, देशभक्ति और वैश्विक उपस्थिति का उत्सव है। तिरंगा स्वतंत्रता दिवस पर उगते सूरज के पथ का अनुसरण करता है इसलिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास राष्ट्रीय भावना के राजदूत के रूप में कार्य करते हैं। ।

सूर्यपथ तिरंगा विश्व भर में समय के प्रवाह को राष्ट्रीय ध्वज की एक प्रतीकात्मक यात्रा में बदल देता है। यह पूर्व में दिन के पहले पहली किरण के साथ शुरू होती है और विकसित भारत, राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना को पश्चिम की ओर ले जाती है। (इनपुट-पीआईबी)