एआई के नए मानक तय करेगा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेहद तेजी से दुनिया को बदल रहा है और भारत अब इस तकनीकी बदलाव का अहम हिस्सा बन चुका है। एआई के भविष्य को दिशा देने और नए वैश्विक मानक तय करने के उद्देश्य से भारत दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक की मेजबानी करने जा रहा है। इसी कड़ी में 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का आयोजन किया जाएगा।

दुनियाभर के शीर्ष नेता होंगे शामिल

इस पांच दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में दुनियाभर से प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचेंगे। अब तक 15 राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों, 40 से अधिक मंत्रियों, 100 से ज्यादा प्रमुख सीईओ और सीएक्सओ तथा 100 से अधिक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है। यह समिट एआई के क्षेत्र में अब तक आयोजित चार वैश्विक सम्मेलनों में सबसे बड़ा माना जा रहा है।

उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी

इस शिखर सम्मेलन का एक अहम स्तंभ उद्योग जगत की सहभागिता होगी। जियो, क्वालकॉम, ओपनएआई, एनवीडिया, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब और गेट्स फाउंडेशन समेत कई वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

500 से अधिक कार्यक्रम, 840 से ज्यादा प्रदर्शक

समिट सप्ताह के दौरान भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में करीब 500 से अधिक चुनिंदा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नेतृत्व स्तर के संवाद, प्रदर्शनियां और विशेष सत्र शामिल होंगे। एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 840 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे, जिनमें विभिन्न देशों के कंट्री पवेलियन, मंत्रालय, राज्य सरकारें, उद्योग, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान शामिल होंगे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने की भारत की भूमिका की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक एजेंडे को दिशा देने में भारत की अग्रणी भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के जरिए विकासशील देशों में क्षमता निर्माण को लेकर वैश्विक सहयोग को मजबूती मिलेगी।

केवल जोखिम नहीं, एआई की संभावनाओं पर फोकस

इस सम्मेलन की खास बात यह है कि इसमें केवल एआई से जुड़े जोखिमों पर चर्चा नहीं होगी, बल्कि यह भी दिखाया जाएगा कि एआई किस तरह दुनिया भर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। सम्मेलन का उद्देश्य एआई की संभावनाओं और इसके प्रभाव को साझा करना है, ताकि समाज और अर्थव्यवस्था में इसके परिवर्तनकारी असर को समझा जा सके।

तीन प्रमुख उद्देश्यों पर आधारित होगा समिट

एआई अब विज्ञान-फिक्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। भारत इस तकनीकी क्रांति के केंद्र में खुद को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन तीन प्रमुख उद्देश्यों पर आधारित है।

एआई इकोसिस्टम का उपयोग

पहला उद्देश्य प्रभाव है, यानी एआई मॉडल, एप्लिकेशन और समग्र एआई इकोसिस्टम का उपयोग दक्षता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार और अर्थव्यवस्था के लिए गुणक प्रभाव पैदा करने में कैसे किया जा सकता है।
दूसरा उद्देश्य विकासशील देशों के लिए सुलभता है, ताकि एआई के लिए एक विस्तार योग्य और किफायती टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार किया जा सके।
तीसरा उद्देश्य सुरक्षा है, जिसके तहत एआई के लिए नियामक और सुरक्षा ढांचा विकसित करना समिट की प्राथमिकताओं में शामिल है।

जिम्मेदार और नैतिक एआई पर जोर

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को भी बढ़ावा देगा। सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, विभिन्न क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग और सुशासन के मॉडल के रूप में एआई को अपनाने पर गहन चर्चा होगी।

भारत को एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम

यह शिखर सम्मेलन भारत को एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा और डिजिटल रूप से सशक्त तथा प्रौद्योगिकी-संचालित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।