इंडिया एआई मिशन जल्द ही गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान विकसित करेगा। इसका उद्देश्य देश में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों को मजबूत बनाना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिए जल्द ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एआई के जरिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाया जाएगा।
सरकार ने हाल ही में भारत एआई मिशन के तहत दो बड़े प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। पहला, एआईकोषा, जो भारत का डेटासेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिये उच्च गुणवत्ता वाला डेटा उपलब्ध कराया जाएगा ताकि एआई तकनीक को विकसित किया जा सके। दूसरा, एआई कंप्यूट पोर्टल, जो रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए कंपनियों को सब्सिडी वाले जीपीयू (Graphics Processing Units) तक पहुंच प्रदान करता है। फिलहाल, इस पोर्टल पर 14,000 जीपीयू सक्रिय हैं और जल्द ही 4,000 और जोड़े जाएंगे। सरकार ने एआई क्षमता को बढ़ाने के लिए 18,693 जीपीयू का ऑर्डर भी दिया है।
भारत अगले 3-5 वर्षों में देश में ही जीपीयू बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके। यह पहल 10,000 करोड़ रुपये के इंडिया एआई मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की एआई क्षमताओं को मजबूत करना है।
वैष्णव ने यह भी बताया कि 67 कंपनियों ने भारत में एआई मॉडल विकसित करने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 22 बड़े भाषा मॉडल (LLMs) बनाने पर काम कर रही हैं। यह मिशन भारत में डेटा-आधारित शासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।