भारत-अमेरिका ने हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर की चर्चा, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर

भारत और अमेरिका ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श किया और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

यह चर्चा सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान (USARPAC) के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल के बीच हुई। भारतीय सेना ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच X पर बताया कि दोनों अधिकारियों ने हिंद-प्रशांत में बदलते सुरक्षा परिदृश्य और कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।

बातचीत के दौरान संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों के जरिए दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और बेहतर करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। भारतीय सेना के अनुसार, ‘युद्ध अभ्यास 2026’ की सफल गतिविधियों ने संयुक्त अभियानों में दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को दिखाया और सैन्य सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इससे पहले सोमवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। प्रतिनिधि ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और विशेष रूप से रक्षा औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय ने X पर बताया कि बैठक में भारत-अमेरिका साझेदारी के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई और रक्षा उद्योग तथा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

पिछले सप्ताह ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के तहत भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने कई सैन्य मंचों और परिचालन परिस्थितियों में साथ प्रशिक्षण लिया। इस दौरान दोनों सेनाओं ने एक-दूसरे की रणनीति, तकनीक और संचालन प्रक्रियाओं को समझने के साथ आपसी तालमेल को और मजबूत किया।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दोनों देशों की सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण करते हुए देखा। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध अभ्यास’ भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है और दोनों सेनाओं के बीच विश्वास, तैयारी तथा बेहतर तालमेल को मजबूत करता है।

-(इनपुटः IANS)