भारत और बेल्जियम का अगले पांच साल में आपसी व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और बेल्जियम ने अगले पांच सालों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। दोनों देश आर्थिक, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में पीएम मोदी ने कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं।

मुक्त व्यापार समझौता और आर्थिक सहयोग

पीएम मोदी ने कहा, “इस साल की शुरुआत में, हमने भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता किया। दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को और मजबूत करेगा।” उन्होंने बताया कि भारत और बेल्जियम ने नए आर्थिक अवसरों को ठोस नतीजों में बदलने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें बेल्जियम की कंपनियों के लिए भारत में ‘इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ स्थापित करना शामिल है। उन्होंने कहा, “हमने भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम को एक नियमित व्यवस्था बनाने का फैसला किया है। हम दोनों देशों के वित्तीय, फिनटेक और रेगुलेटरी संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाएंगे और इन उपायों के जरिए अगले पांच सालों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल करेंगे।”

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन (co-development and co-production) के अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे संबंधों का एक मुख्य स्तंभ है। आज, हम दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और बेल्जियम अपनी-अपनी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध के खिलाफ सहयोग को मजबूत करेंगे।

स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और सेमीकंडक्टर

स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा भविष्य और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने की प्राथमिकता साझा करते हैं। उन्होंने कहा, “आज रिन्यूएबल एनर्जी पर हस्ताक्षरित एमओयू स्थिरता पर हमारे सहयोग को नई गति देगा। हमने महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।” पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सेमीकंडक्टर में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत का बड़े पैमाने पर काम करने का सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। दोनों पक्ष बेल्जियम के आईएमईसी संस्थान को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के साथ जोड़ने की दिशा में काम करेंगे।

लोगों के बीच संबंध और भविष्य के समझौते

लोगों के बीच आपसी संबंधों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने और समुद्री क्षेत्र में क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हम यूनिवर्सिटी और रिसर्च के क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करेंगे और टैलेंट की आवाजाही को आसान बनाने के लिए जल्द ही ‘माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर करेंगे।” 

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। डी वेवर, जिन्होंने फरवरी 2025 में पदभार संभाला था, बेल्जियम के प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार भारत आए हैं। उनकी यह यात्रा दो दशकों में किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की भारत की पहली यात्रा भी है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन के अलावा अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें बेल्जियम के रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हैं। (इनपुट-एजेंसी)