भारत और किरिबाती ने द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर की चर्चा

भारत और किरिबाती ने मंगलवार को राजधानी तरावा में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

बैठक में किरिबाती में भारत के हाई कमिश्नर सुनीत मेहता ने किरिबाती के संस्कृति एवं आंतरिक मामलों के मंत्री हैरी टेकाइती, पर्यावरण, भूमि एवं कृषि विकास मंत्री टोकाइबुरे रबाउआ, लाइन एंड फीनिक्स आइलैंड्स डेवलपमेंट मंत्री मिकराइटे टेमारी और लीडरशिप कमीशन के अध्यक्ष ताओबा कैइया के साथ बातचीत की।

भारत के हाई कमीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि बैठक में भारत-किरिबाती सहयोग को मजबूत करने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसमें समावेशी, मजबूत और टिकाऊ भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया गया।

विकास साझेदारी और नए सहयोग पर चर्चा

इससे पहले 17 जून को सुनीत मेहता ने किरिबाती के विदेश मामलों और आव्रजन मंत्रालय के प्रभारी अधिकारी उरिंग इटेराएरा से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों के विभिन्न पहलुओं और आपसी हित वाले क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर भी बातचीत हुई।

मेहता ने किरिबाती के वित्त सचिव कोइन उरियम किरिटियोने से भी मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटलाइजेशन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत की मदद से बन रहा डायलिसिस सेंटर

सुनीत मेहता ने किरिबाती में भारत की आर्थिक सहायता से बनाए जा रहे डायलिसिस सेंटर का भी दौरा किया।

भारतीय हाई कमीशन ने बताया कि यह केंद्र दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग और किरिबाती के स्थानीय लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

व्यापार और नारियल उद्योग पर भी जोर

16 जून को मेहता ने तरावा के बोनरिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किरिबाती के वाणिज्य, उद्योग एवं सहकारिता मंत्री तांगरिकी रीटे और न्याय मंत्री मार्टिन मोरेटी से मुलाकात की थी।

इस दौरान व्यापार, उद्यमिता और टिकाऊ आर्थिक विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। खासतौर पर नारियल और कोपरा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

दोनों देशों के बीच लगातार हो रही इन बैठकों से विकास, स्वास्थ्य, आर्थिक सहयोग, डिजिटलाइजेशन और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

-(इनपुटः IANS)