भारत और नॉर्वे की ग्रीन रणनीतिक साझेदारी पूरे विश्व के लिए लाभदायक होगी : पीएम मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे की यात्रा पर हैं। नॉर्वे में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनस गौर स्टोरा से मुलाकात की और द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त संबोधन दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नॉर्वे की यात्रा करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह देश नेचर और मानवीय विकास के बीच हार्मनी का एक सुंदर उदाहरण है।” उन्होंने आत्मीय स्वागत के लिए नॉर्वे सरकार और वहां की जनता का आभार भी व्यक्त किया।

संविधान दिवस और आतंकवाद के मुद्दे का किया जिक्र

पीएम मोदी ने नॉर्वे के संविधान दिवस के अवसर पर वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वह पिछले वर्ष नॉर्वे आने वाले थे, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, “उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होकर सच्ची मित्रता का परिचय दिया। आज जब मैं नॉर्वे आया हूं, तो इस एकजुटता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

भारत-यूरोप संबंधों के नए दौर का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में भारत और यूरोप अपने संबंधों के नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार एसोसिएशन के बीच ऐतिहासिक व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता लागू किया गया। यह समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा विकास और समृद्धि का ब्लूप्रिंट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते को जमीनी परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

ग्रीन रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम

नरेंद्र मोदी मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे अपने संबंधों को अब “ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप” का स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट रेजिलिएंस, ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की स्केल, स्पीड और टैलेंट को नॉर्वे की तकनीक और पूंजी के साथ जोड़कर दोनों देशों की कंपनियां वैश्विक समाधान विकसित करेंगी।

रिसर्च, AI और स्पेस सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि रिसर्च, एजुकेशन और इनोवेशन दोनों देशों के संबंधों के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि सस्टेनिबिलिटी, ओशन एनर्जी, जियोलॉजी और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में रिसर्च सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, एआई, साइबर और डिजिटल क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़कर साझेदारी को फ्यूचर-रेडी बनाया जाएगा। स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी में भी सहयोग को और व्यापक किया जाएगा।

आर्कटिक और समुद्री सुरक्षा पर साझा फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्वे आर्कटिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण देश है और भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन “हिमाद्रि” के संचालन में नॉर्वे का सहयोग अहम रहा है। उन्होंने कहा कि इसरो और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच हुआ एमओयू स्पेस सहयोग को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्वे की ग्रीन रणनीतिक साझेदारी पूरे विश्व के लिए लाभदायक होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नॉर्वे अब इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव से जुड़ रहा है और दोनों देश मरीन इकॉनमी, मैरीटाइम सिक्युरिटी और कैपेसिटी बिल्डिंग में सहयोग मजबूत करेंगे। (इनपुट: आईएएनएस)

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