वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था के संरक्षण में भारत-ईयू एकजुट: एंटोनियो कोस्टा

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर को केंद्र में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू साझा जिम्मेदारियों के दायरे को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कोस्टा ने कहा, “दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और बहुपक्षवाद के समर्थकों के रूप में, यूरोपीय संघ और भारत पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर को केंद्र में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून को कायम रखने की साझा जिम्मेदारी है। आज सुबह राष्ट्रपति उर्सुला और मुझे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला। उनके शब्द आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं- शांति हथियारों की टकराहट से नहीं, बल्कि विषम परिस्थितियों में भी निहत्थे राष्ट्रों द्वारा अपनाई गई न्यायपूर्ण आचरण से आती है।”

अपनी भारतीय जड़ों का उल्लेख करते हुए कोस्टा ने कहा, “मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन मैं एक प्रवासी भारतीय नागरिक भी हूं। इसलिए मेरे लिए इसका विशेष महत्व है। मुझे गोवा से जुड़ी अपनी जड़ों पर गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था। यूरोप और भारत के बीच संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत भी हैं।”

कोस्टा ने कहा कि शिखर सम्मेलन के जरिए भारत और ईयू ने यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे शिखर सम्मेलन ने यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के समर्थन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया है, जो यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण सम्मान करती हो। यह एक निर्णायक क्षण है। हम न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने अपनी तत्परता दिखाई है, भले ही इसके लिए कठिन समझौते करने पड़े हों। मुझे विश्वास है, प्रधानमंत्री जी, कि संवाद और कूटनीति के जरिए शांति की परिस्थितियां बनाने में हम आप पर भरोसा कर सकते हैं।”

उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। कोस्टा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, इस विशेष अवसर पर हमें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद। कल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना हमारे लिए सम्मान की बात थी। यह भारत की क्षमताओं और विविधता का प्रभावशाली प्रदर्शन था। आज एक ऐतिहासिक क्षण है, जब हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में अपने संबंधों का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व में भारत और यूरोपीय संघ साझा समृद्धि के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन समृद्धि सुरक्षा के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हम अपने नागरिकों और साझा हितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।

इंडो-पैसिफिक, यूरोप और दुनिया भर में मौजूद सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर सामना कर रहे हैं। इससे हमारे बीच रणनीतिक भरोसे का नया स्तर स्थापित होगा। यही हमारी सुरक्षा और रक्षा साझेदारी का महत्व है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच अपनी तरह का पहला व्यापक रक्षा और सुरक्षा ढांचा और भविष्य में और अधिक महत्वाकांक्षी सहयोग की दिशा में पहला कदम।”(इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

13 hours ago | Donald Trump Iran Sanctions

ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार: होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध अब भी बरकरार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध हटाने के दावे के बावजूद ई...

30/05/26 | 12:43 pm | Bodh Gaya Myanmar President welcome

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, राज्यपाल हसनैन ने किया स्वागत

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उ...

30/05/26 | 11:47 am | Ajit Doval Moscow security forum

आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख, सीमा पार समर्थन देने वाले देशों पर वैश्विक कार्रवाई की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर क...