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साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन पर भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी होगी और मजबूत

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीकों और मजबूत सप्लाई चेन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के अधिकारियों ने नई साझेदारी को लागू करने और इसके तहत व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत के विदेश मंत्रालय में साइबर डिप्लोमेसी के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला ने ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया की साइबर अफेयर्स और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी की राजदूत जेसिका हंटर के साथ बैठक की। कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में लंबे समय से जारी साझेदारी पर चर्चा हुई।

PACTS साझेदारी को लागू करने पर जोर

अधिकारियों ने Australia-India Partnership on Cyber, Critical Technologies and Supply Chains (PACTS) को व्यावहारिक रूप से लागू करने के तरीकों पर विचार साझा किए।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के लिए साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक और सप्लाई चेन अब आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक तकनीकी मानकों एवं नियमों को आकार देने की क्षमता के लिहाज से तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं।

नई साझेदारी के तहत इन क्षेत्रों को एक व्यापक रणनीतिक ढांचे में शामिल किया गया है। इसके लिए पांच प्रमुख स्तंभों के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

अमित शुक्ला ने Australian Strategic Policy Institute (ASPI) की ओर से कैनबरा में आयोजित AI Masterclass में भी हिस्सा लिया। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने से जुड़े एक पैनल में चर्चा की।

AI के सुरक्षित और व्यावहारिक इस्तेमाल पर चर्चा

ऑस्ट्रेलिया की साइबर अफेयर्स और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी की राजदूत जेसिका हंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्होंने ASPI के AI Masterclass में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में AI को अपनाने पर आयोजित पैनल का संचालन किया। इसमें पापुआ न्यू गिनी और भारत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि AI को अपनाने के दौरान क्षेत्रीय सहयोग और साझा अनुभव महत्वपूर्ण हैं। देशों को नवाचार, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना होगा।

हंटर ने बड़े स्तर पर तकनीक के इस्तेमाल के भारत के अनुभव को भी रेखांकित किया। उन्होंने हाल के AI Impact Summit और उससे जुड़े व्यावहारिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का अनुभव बड़े पैमाने पर तकनीक के इस्तेमाल के परिवर्तनकारी प्रभाव को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि व्यावहारिक उपयोग के मामलों को साझा करने, साझेदारी मजबूत करने और AI तकनीक की अलग-अलग क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र एक ऐसे AI-सक्षम भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो समावेशी हो, व्यावहारिक हो और लोगों के लिए वास्तविक लाभ पहुंचाए।

भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी Comprehensive Strategic Partnership को भी लगातार मजबूत कर रहे हैं। इस व्यापक साझेदारी में तकनीक, साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती महत्वपूर्ण सहयोग क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं।

-(इनपुटः IANS)