भारत और फिनलैंड के बीच पर्यावरण सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने वर्ष 2020 में हस्ताक्षरित पर्यावरण सहयोग से जुड़े समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और जलवायु कार्रवाई के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।

प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु कार्रवाई पर बढ़ेगा सहयोग

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत और फिनलैंड ने वर्ष 2020 में किए गए समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया है। इससे ज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग के माध्यम से प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, वन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा।

सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का मिलेगा ढांचा

नवीनीकृत समझौता ज्ञापन दोनों देशों के बीच सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करेगा। इसके तहत वायु और जल प्रदूषण की रोकथाम तथा नियंत्रण, दूषित मिट्टी के पुनः उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन, खतरनाक अपशिष्ट के निपटान, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन और पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

चक्रीय अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर जोर

समझौते में प्राकृतिक संसाधनों और वनों के उपयोग में चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, जलवायु परिवर्तन के शमन और अनुकूलन, पर्यावरण एवं वन निगरानी, डेटा प्रबंधन तथा समुद्री और तटीय संसाधनों के संरक्षण और सतत उपयोग पर भी सहयोग को शामिल किया गया है।

संयुक्त पहल और संवाद से बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों ने केंद्रित संवाद और संयुक्त पहलों के माध्यम से चक्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा की। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। (इनपुट: पीआईबी)