गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रमुख क्षेत्रों में भारत-गुयाना साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की और विकासशील देशों की आवाज़ को वैश्विक मंचों पर सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
डिजिटल अवसंरचना और वित्तीय समावेशन पर चर्चा
बैठक के दौरान डॉ. जगदेव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल संचालन और वित्तीय समावेशन, विशेषकर यूपीआई के माध्यम से भारत की तेज प्रगति की सराहना की। दोनों पक्षों ने गुयाना में इसी तरह के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल को लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया।
स्वास्थ्य, कृषि और संपर्क बढ़ाने पर फोकस
बातचीत में स्वास्थ्य सेवा प्रशासन, अस्पताल प्रबंधन, कृषि अनुसंधान तथा दोनों देशों के बीच संपर्क और लॉजिस्टिक्स सुधार के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति बनी। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, नीली अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में संभावित साझेदारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भारत मॉडल की सराहना
गुयाना के प्रतिनिधिमंडल ने क्षमता निर्माण और कौशल विकास के लिए भारत के ई-माइग्रेट प्लेटफॉर्म तथा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम में रुचि व्यक्त की। दोनों नेताओं ने क्रिकेट के प्रति अपने साझा जुनून का भी उल्लेख किया और इस खेल में गुयाना के योगदान की सराहना की।
वैश्विक मंचों पर समन्वित प्रयासों पर सहमति
दोनों उपराष्ट्रपतियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और समुद्री कानून के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण जैसे मंचों पर विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। (इनपुट: पीआईबी)


