भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनी गेल (GAIL) इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में अपने स्टार्टअप निवेश फंड को 100 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए कर दिया है। पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप क्रांति आई है। उन्होंने बताया कि गेल की स्टार्टअप योजना ‘पंख’ खास तौर पर युवाओं के नए विचारों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में इनोवेशन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
पुरी ने जानकारी दी कि GAIL ने अब तक प्राकृतिक गैस, पाइपलाइन, पेट्रोकेमिकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में 38 स्टार्टअप का समर्थन किया है। इन स्टार्टअप्स ने पिछले 3 वर्षों में लगभग 1,000 लोगों को रोजगार दिया है। इसके अलावा, देश की 6 सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अब तक 550 करोड़ रुपये का फंड बनाया है, जिसमें से 290 करोड़ रुपये का निवेश 303 स्टार्टअप्स में किया जा चुका है।
हरदीप सिंह पुरी ने यह भी बताया कि भारत में 1.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप और 120 यूनिकॉर्न कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, “यह असली सशक्तिकरण है, असली बदलाव है और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा है जो भविष्य के लिए देश को तैयार कर रही है।”
सरकार ने आगामी 2025-26 के बजट में भी स्टार्टअप्स को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की फंड ऑफ फंड्स योजना के तहत डीपटेक और एआई आधारित प्लेटफॉर्म तैयार करने का प्रावधान किया है।


