सरकार ने शुक्रवार को कहा, स्वच्छ, हरित भविष्य के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में, भारत ने 100 गीगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता को पार करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। इससे अक्षय ऊर्जा में ग्लोबल लीडर के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है।

2030 तक 500 गीगावाट ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अहम कदम

31 जनवरी तक, भारत की कुल स्थापित सौर क्षमता 100.33 गीगावाट है, जिसमें 84.10 गीगावाट कार्यान्वयन के अधीन है और अतिरिक्त 47.49 गीगावाट निविदा के अधीन है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पिछले 10 वर्षों में भारत की ऊर्जा यात्रा ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रही

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत की ऊर्जा यात्रा ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रही है। सौर पैनल, सौर पार्क और रूफटॉप सौर परियोजनाओं जैसी पहलों ने क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं।” केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा, “परिणामस्वरूप, आज भारत ने 100 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि दुनिया को एक नई राह भी दिखा रहा है।”

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना स्थायी ऊर्जा में एक गेम-चेंजर 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत पर सौर ऊर्जा को एक घरेलू वास्तविकता बना रही है और यह स्थायी ऊर्जा में एक गेम-चेंजर है, जो हर घर को स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त बनाती है। 2024 में शुरू की गई यह योजना 9 लाख छत पर सौर ऊर्जा प्रतिष्ठानों के करीब है, जिससे देश भर के घरों को स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने में मदद मिलेगी।

सौर ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दशक में क्षमता में 3,450 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि

देश के सौर ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दशक में क्षमता में 3,450 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि देखी गई है, जो 2014 में 2.82 गीगावाट से बढ़कर 2025 में 100 गीगावाट हो गई है। देश की हाइब्रिड और चौबीसों घंटे चलने वाली (आरटीसी) अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनमें से 64.67 गीगावाट कार्यान्वयन के अधीन हैं और निविदाएं दी जा चुकी हैं, जिससे सौर और हाइब्रिड परियोजनाओं की कुल क्षमता 296.59 गीगावाट हो गई है।

भारत की अक्षय ऊर्जा वृद्धि में सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान 

भारत की अक्षय ऊर्जा वृद्धि में सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान बना हुआ है, जो कुल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता का 47 प्रतिशत है। मंत्री के अनुसार, 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 24.5 गीगावाट सौर क्षमता जोड़ी गई, जो 2023 की तुलना में सौर प्रतिष्ठानों में दो गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है।

पिछले साल भी 18.5 गीगावाट उपयोगिता-स्तरीय सौर क्षमता की स्थापना देखी गई, जो 2023 की तुलना में लगभग 2.8 गुना वृद्धि है। राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से हैं, जो भारत के कुल उपयोगिता-स्तरीय सौर प्रतिष्ठानों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

भारत में रूफटॉप सोलर सेक्टर में पिछले साल देखी गई उल्लेखनीय वृद्धि 

भारत में रूफटॉप सोलर सेक्टर में पिछले साल उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें 4.59 गीगावाट की नई क्षमता स्थापित की गई, जो 2023 की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

भारत ने सौर विनिर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। 2014 में, देश में केवल 2 गीगावाट की सीमित सौर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता थी। पिछले एक दशक में, यह 2024 में 60 गीगावाट तक बढ़ गया है, जिसने भारत को सौर विनिर्माण में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित किया है। (इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

3 mins ago | 'Zero Casualty'

आपदा प्रबंधन में ‘जीरो कैजुअल्टी’ के नए युग में भारत, अमित शाह बोले- आपदा रोधी गांव और शहर बनाना लक्ष्य

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन स...

12 mins ago | BRICS 2026

BRICS 2026: समावेशी वैश्विक व्यवस्था की ओर भारत का बड़ा कदम

चार उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला एक संक्षिप्त नाम आज चार महाद्वीपों तक फैले ...

1 hour ago | Aga Khan Development Network

राष्ट्रपति मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह से मिले प्रिंस रहीम आगा खान पंचम, सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर...