पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज रविवार को कहा कि भारत एक स्वच्छ, मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश के 99 प्रतिशत अपतटीय क्षेत्र को तेल और गैस की खोज के लिए खोल दिया है और कच्चे तेल के आयात को पहले के 27 देशों से बढ़ाकर 40 से अधिक देशों तक कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की ऊर्जा नीति एक चार-आयामी दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें-कच्चे तेल के आयात में विविधता, तेल और गैस की घरेलू खोज में वृद्धि, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शामिल हैं। उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 10.60 करोड़ गरीब परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन के रूप में सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर दिए जा चुके हैं।
हरदीप पुरी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत एक ऐसा भविष्य बना रहा है जहां ऊर्जा सुरक्षित, सस्ती और टिकाऊ होगी।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत की ऊर्जा नीति भारतीय उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है, खासकर वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के बीच। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करेगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है और भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य हैं। इसके लिए ऊर्जा स्रोतों का व्यापक आधार तैयार करना और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार आयात में विविधीकरण करना महत्वपूर्ण है।-(IANS)


