वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज बुधवार को कहा कि भारत अब विश्व मंच पर मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने मंत्रालय की हालिया उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि देश में मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ रही है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के आंकड़े भी नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं। वहीं विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) सुधारों को अधिसूचित किया गया है, जिसके तहत अब फैक्ट्री लगाने के लिए जरूरी जमीन की सीमा 50 हेक्टेयर से घटाकर केवल 10 हेक्टेयर कर दी गई है। इसके अलावा, अब कंपनियां भारत में उत्पाद की आपूर्ति भी कर सकती हैं, बशर्ते वे आवश्यक ड्यूटी का भुगतान करें।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए अच्छी खबर यह है कि अब फिनिश्ड, वेट ब्लू और ईआई टैंड चमड़े के निर्यात पर लगे पोर्ट प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब इन्हें देश के किसी भी बंदरगाह या इनलैंड कंटेनर डिपो से निर्यात किया जा सकता है। साथ ही, इन उत्पादों के लिए अनिवार्य टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। एफडीआई से जुड़े आंकड़ों को साझा करते हुए गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में कुल 81.04 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया, जो 2023-24 की तुलना में 14% अधिक है। विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एफडीआई 18% बढ़कर 19.04 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ओडिशा की एक ऑल-वूमेन फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी ने अपनी अम्रपाली आमों की खेप पहली बार इटली भेजी है। यह भारत के बागवानी उत्पादों के लिए एक बड़ी सफलता है और किसानों की आय बढ़ाने का शानदार अवसर भी। इसके साथ ही, जम्मू और कश्मीर की प्रीमियम चेरी की पहली व्यावसायिक खेप सऊदी अरब और यूएई भेजी गई है। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पाद बेचने का बड़ा मौका मिला है।
पीयूष गोयल ने बताया कि देश की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना एक “गेम चेंजर” साबित हो रही है। वर्ष 2020 से शुरू हुई इस योजना के तहत 14 अलग-अलग क्षेत्रों को समर्थन दिया जा रहा है। इसके चलते भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ी है, निर्यात और उत्पादन में वृद्धि हुई है, और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।-(IANS)


