वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और निर्यात में निरंतर वृद्धि बनाए रखने के लिए संपूर्ण वैल्यू चेन में घरेलू क्षमताओं को और मज़बूत करना आवश्यक है।
यह बात उन्होंने मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (MEDEPC) की चौथी वार्षिक आम बैठक में बोली।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत ने वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में नीतिगत सुधार, रिकॉर्ड निवेश और वैश्विक साझेदारियों के चलते भारत विश्वसनीय वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के पहले छह महीनों (अप्रैल–सितंबर 2025) में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 41.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 22.2 अरब डॉलर तक पहुँच गया। वहीं, स्मार्टफोन निर्यात 58 प्रतिशत बढ़कर 13.38 अरब डॉलर पर पहुँच गया है।
पूरे वित्त वर्ष 2024–25 में भारत ने 38.6 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात दर्ज किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.6 प्रतिशत अधिक है। इससे भारत अब वैश्विक वैल्यू चेन में एक मज़बूत साझेदार के रूप में उभरा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्यातक बन गया है।
गोयल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बैटरी, चार्जर, कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल जैसे घटकों का घरेलू उत्पादन बढ़ने से मूल्य संवर्धन और आत्मनिर्भरता को मज़बूती मिली है।
उन्होंने बताया कि सरकार व्यापार संचालन को सरल बनाने के लिए कस्टम्स ऑटोमेशन, सिंगल-विंडो क्लियरेंस और प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में एक्सपोर्ट फेसीलिटेशन सेल्स जैसी पहल कर रही है।
इसके साथ ही, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताएँ भी नए निर्यात अवसर खोलने में मदद करेंगी।
-(इनपुटःएजेंसी)


