भारत-मोल्दोवा संबंधों को नई मजबूती, व्यापार से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक बढ़ेगा सहयोग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मोल्दोवा दौरे के दौरान भारत और मोल्दोवा ने व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने पर सहमति जताई। चिसीनाउ स्थित प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कई रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने का निर्णय लिया है।

पहला राजकीय दौरा, संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह पहला राजकीय मोल्दोवा दौरा है, जो दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच तीन दशकों से अधिक समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं और भौगोलिक दूरी के बावजूद शांति, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साझा मूल्यों ने इस साझेदारी को मजबूत किया है।

आर्थिक सहयोग को मिलेगा नया विस्तार

द्रौपदी मुर्मु ने बताया कि दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन को मजबूत करने और कनेक्टिविटी में सुधार पर सहमति बनाई है। इसके साथ ही कृषि, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सेवाएं, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।

शिक्षा और क्षमता निर्माण पर भी जोर

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा और क्षमता निर्माण भारत-मोल्दोवा संबंधों का महत्वपूर्ण आधार हैं। दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा में शैक्षणिक आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।

आईटीईसी प्रशिक्षण और एआई सहयोग का विस्तार

राष्ट्रपति मुर्मु ने घोषणा की कि मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए भारत ने आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट दोगुने करने का निर्णय लिया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही मोल्दोवा के राजनयिकों को भारत के विदेश सेवा संस्थान में एआई और साइबर डिप्लोमेसी पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया है।

वैश्विक पहलों में सहयोग की उम्मीद

द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोल्दोवा भविष्य में कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस से भी जुड़ेगा।

शांति और कूटनीति के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उनकी और राष्ट्रपति माइया सैंडू के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है तथा वैश्विक शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा है। (इनपुट: आईएएनएस)

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