भारत और मंगोलिया के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफैंट 2025’ का सफल समापन आज शुक्रवार को उलानबातार में हुआ। वहीं समापन समारोह की अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने की। सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने मिलकर जटिल सैन्य अभियानों का अभ्यास किया और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया। समारोह में मंगोलिया के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल बातार बालजिद, भारत के राजदूत अतुल एम. गोत्सुरवे और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।
इस दौरान रक्षा सचिव ने भारतीय और मंगोलियाई सैनिकों की पेशेवर क्षमता की सराहना की और इस अभ्यास को दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय शांति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। यह अभ्यास 31 मई से 13 जून 2025 तक चला और इसका उद्देश्य पहाड़ी व अर्धशहरी क्षेत्रों में संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा अर्ध-पारंपरिक अभियानों को अंजाम देने में इंटरऑपरेबिलिटी यानी पारस्परिक संचालन क्षमता को बढ़ाना था।
इस सैन्य अभ्यास में भारत की ओर से अरुणाचल स्काउट्स बटालियन के 45 सैनिकों ने हिस्सा लिया, जबकि मंगोलिया की तरफ से 150 स्पेशल फोर्सेज यूनिट के सैनिक शामिल हुए। यह एक प्लाटून स्तर का फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज था, जिसमें कई प्रकार की ट्रेनिंग गतिविधियां जैसे- एंड्योरेंस ट्रेनिंग, रिफ्लेक्स शूटिंग, रूम इंटरवेंशन, स्मॉल टीम टैक्टिक्स और रॉक क्राफ्ट ट्रेनिंग कराई गई।
इस वर्ष की विशेषता यह रही कि अभ्यास में पहली बार साइबर वॉरफेयर के पहलुओं को भी शामिल किया गया, जिससे अभ्यास की जटिलता और आधुनिकता में वृद्धि हुई। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे के ऑपरेशनल अनुभवों से भी सीखा। यह अभ्यास न केवल रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाता है बल्कि सांस्कृतिक समझ और विश्वास के मजबूत रिश्ते का भी प्रतीक है। पिछला संस्करण जुलाई 2024 में भारत के मेघालय स्थित उमरोई में हुआ था। यह संयुक्त अभ्यास भारत और मंगोलिया के बीच भरोसे और मित्रता का एक जीवंत उदाहरण है।-(Input with ANI)


