AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से प्रगति के साथ विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा भारत: विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीकों में नेतृत्व और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे (Digital Public Infrastructure) को मजबूत कर, तेज़ी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भारत मंडपम में आयोजित ‘उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार कॉन्क्लेव (ESTIC) 2025’ के दौरान विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, विज्ञान से लेकर अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषण में इन सफलताओं पर प्रकाश डाला।

पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय के प्रो. भूषण पाठवर्धन ने कहा,

“पहले हम सिर्फ अनुसरण करते थे, अब हम नेतृत्व कर रहे हैं। यह बड़ा परिवर्तन है और यह सिर्फ शुरुआत है।”

प्रतिभागी निधि ने कहा,

“भारत एआई और डिजिटल मॉडल के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक दिन ऐसा आएगा जब भारत डिजिटल एआई में दुनिया का नेतृत्व करेगा।”

उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये की आरडीआई योजना को विज्ञान और नवाचार के लिए बड़ा कदम बताया।

नोएडा के जीआईएमएस मेडिकल इंक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि आरडीआई फंड और अनुसंधान के लिए तैयार पारिस्थितिकी तंत्र भारत को 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जा रहा है।

डॉ. मीना कृष्णैया ने कहा,

“भारत अब सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि तकनीक के माध्यम से परिवर्तन का अग्रदूत बन गया है। महिलाएं भी विज्ञान और तकनीक में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं।”

कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए, आईसीएआर के महानिदेशक मंगी लाल जाट ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कुपोषण और मिट्टी की सेहत पर जोर दिया है। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, जैविक उर्वरकों और डिजिटल नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. मोनिका गर्ग ने कहा कि यदि सही संसाधन, प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

-(इनपुटःएजेंसी)