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ब्रिक्स स्वास्थ्य बैठक में भारत ने पेश किया वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग का नौ सूत्रीय एजेंडा

भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठकों के तहत बुधवार को चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों के घोषणापत्र को अंतिम रूप देने पर व्यापक चर्चा की। भारत ने लचीली, समावेशी और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का खाका भी प्रस्तुत किया।

स्वास्थ्य सहयोग के नए अवसरों पर जोर

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बैठक का उद्घाटन करते हुए कहा कि विस्तारित ब्रिक्स समूह वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को नवाचार और सर्वसम्मति आधारित समाधानों के जरिए दिशा देने का अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक है।

भारत ने नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि भारत ने ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों के उपयोग, पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण, नियामक ढांचे को सुदृढ़ करने, कुशल स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने तथा आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उत्पादों तक समय पर, किफायती और समान पहुंच सुनिश्चित करने सहित नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है।

भारत की प्रमुख स्वास्थ्य पहलों का प्रस्तुतीकरण

बैठक में भारत की प्रमुख पहलों ‘स्वस्थ जीवनशैली के लिए ब्रिक्स मिशन’ और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रस्तावित ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि ये पहल निवारक स्वास्थ्य देखभाल, ज्ञान साझाकरण और उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सदस्य देशों के सहयोग को मजबूत करेंगी।

घोषणापत्र को अंतिम रूप देने पर चर्चा

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों के घोषणापत्र का मसौदा सदस्य देशों के बीच हुए व्यापक तकनीकी परामर्श का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में हुई चर्चा से शेष प्रावधानों पर सहमति बनेगी और 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में इसे अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

परमाणु चिकित्सा और वैक्सीन अनुसंधान पर सहयोग

बैठक में परमाणु चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और ब्रिक्स वैक्सीन अनुसंधान एवं विकास केंद्र की गतिविधियों को समर्थन देने पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

एफएसएसएआई, एनएचए और आयुष के प्रदर्शनी मंडपों का उद्घाटन

स्वास्थ्य सचिव ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का उद्घाटन किया। इन प्रदर्शनी मंडपों में खाद्य सुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी भारत की प्रमुख पहलों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

साझा चुनौतियों से निपटने पर सहमति

बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, डिजिटल स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों की तैयारी, रोगाणुरोधी प्रतिरोध, दवा सहयोग, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच तथा पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्य देशों ने ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। (इनपुट: पीआईबी)