ताइपे (ताइवान) में आयोजित वर्ल्डस्किल्स एशिया प्रतियोगिता (WSAC) 2025 में भारत ने अपने डेब्यू वर्ष में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 देशों में आठवां स्थान हासिल किया है, सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी।
पहली बार इस महाद्वीपीय स्किल प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे भारतीय दल ने पारंपरिक और टेक-चालित दोनों तरह की स्किल कैटेगरी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। भारत ने एक सिल्वर, दो ब्रॉन्ज मेडल और तीन मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस जीते। ये उपलब्धियाँ इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी, रोबोट सिस्टम इंटीग्रेशन, सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन डेवलपमेंट, वेब टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और पेंटिंग एवं डेकोरेटिंग जैसी कैटेगरी में मिलीं।
प्रतियोगिता में महिला प्रतिभागियों ने विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और देश के लिए कई महत्वपूर्ण मेडल जीतकर भारत की स्किल इकोसिस्टम में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाया। उन्हें “बेस्ट इन कंट्री” मेडल भी मिला।
23 प्रतियोगियों और 21 विशेषज्ञों का यह दल कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के नेतृत्व में NSDC और कई तकनीकी साझेदारों के साथ तैयार किया गया था।
भारत की उपलब्धि पर कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा,
“वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में भारत का प्रदर्शन हमारे युवाओं की आत्मविश्वास, रचनात्मकता और अनुशासन का प्रतीक है। हर मेडल उनके कठिन परिश्रम और हमारे स्किल इकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाता है।”
प्रतिभागियों का चयन इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2024 के माध्यम से किया गया था और उन्हें कई महीनों तक उद्योग-नेतृत्व वाली ट्रेनिंग दी गई, जिसमें प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, सेक्टर स्किल काउंसिल और वैश्विक विशेषज्ञ शामिल रहे।
WSAC 2025 में भारत का प्रदर्शन भविष्य के अंतरराष्ट्रीय स्किल इवेंट्स के लिए मजबूत आधार तैयार करता है और देश के एक वैश्विक स्किल्ड-टैलेंट हब बनने के लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।
ताइपे में आयोजित प्रतियोगिता में 29 देशों के 500 से अधिक युवा प्रतियोगियों ने 44 स्किल कैटेगरी में हिस्सा लिया, जिससे एशिया भर में कौशल, नवाचार और भविष्य की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मंच मिला।
-(इनपुटःएजेंसी)


