भारत-रूस के बीच कूटनीतिक बातचीत, यूक्रेन संकट पर विनय कुमार ने गलुजिन से की चर्चा

रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने मंगलवार को रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंडे से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर बातचीत की तथा यूक्रेन की स्थिति पर गहराई से चर्चा की। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय राजदूत को यूक्रेन संकट की मौजूदा स्थिति पर मास्को के दृष्टिकोण की जानकारी दी गई।

यूक्रेन संकट पर रूस ने रखा अपना पक्ष

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत के दौरान मास्को ने आरोप लगाया कि कीव सरकार और उसके यूरोपीय समर्थकों की नीतियां राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान में बाधा डाल रही हैं तथा अजोव-काला सागर क्षेत्र सहित सैन्य तनाव बढ़ा रही हैं। मंत्रालय ने संकट के मूल कारणों को दूर करते हुए इसके निष्पक्ष और स्थायी समाधान की जरूरत पर रूस के रुख को दोहराया।

पश्चिमी देशों की नीतियों पर रूस की आपत्ति

रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि संकट के मूल कारण मुख्य रूप से पश्चिम की उस नीति से जुड़े हैं, जिसके तहत यूक्रेन का इस्तेमाल रूस को रणनीतिक हार देने के लिए किया जा रहा है। मंत्रालय ने ऐसी नीतियों को अस्वीकार्य बताया। ये रूस की ओर से व्यक्त किए गए दावे और उसका आधिकारिक दृष्टिकोण हैं।

दोस्ताना माहौल में हुआ विचारों का आदान-प्रदान

रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विचारों का जीवंत आदान-प्रदान दोस्ताना माहौल में हुआ। मंत्रालय ने इसे रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की विशेषता बताया।

जयशंकर और लावरोव की भी हुई थी बैठक

पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स पर चर्चा

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में बताया था कि उन्होंने लावरोव के साथ कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति और ब्रिक्स समूह के भीतर सहयोग की भी समीक्षा की।

रणनीतिक साझेदारी के बीच हुई मुलाकात

भारतीय राजदूत और रूसी उप विदेश मंत्री की यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत और रूस रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

संवाद और कूटनीति पर भारत का जोर

भारत ने यूक्रेन समेत अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व पर लगातार जोर दिया है। साथ ही, नई दिल्ली रूस के साथ अपने पारंपरिक संबंधों और पश्चिमी देशों के साथ अपनी साझेदारी को समानांतर रूप से आगे बढ़ा रही है।

ब्रिक्स और एससीओ में नियमित संपर्क

जयशंकर और लावरोव ब्रिक्स तथा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर नियमित रूप से मुलाकात करते रहे हैं। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और बहुपक्षीय संस्थाओं में सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है।

पुतिन ने पीएम मोदी को दी थी जन्मदिन की बधाई

17 सितंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मोदी के योगदान की सराहना की थी। (इनपुट: आईएएनएस)