भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई ऊंचाई, दोनों देश बने ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनर’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14-15 जून 2026 की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिली। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते और सहयोग घोषणाएं की गईं, जिनसे आपसी साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विभिन्न क्षेत्रों में हुए 10 महत्वपूर्ण समझौते

दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच श्रम, रक्षा, शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कुल 10 समझौते (एमओयू और लेटर ऑफ इंटेंट) पर सहमति बनी। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को व्यापक और दीर्घकालिक बनाना है।

श्रम, रक्षा और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा

श्रम प्रवासन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया गया, जबकि रक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अलावा डिजिटल प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा एवं शोध तथा ऑडियो-विजुअल निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

स्लोवाकिया में स्थापित होगी पहली आईसीसीआर चेयर

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत स्लोवाकिया के कोसिसे तकनीकी विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में पहली भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) चेयर स्थापित की जाएगी। इसे शिक्षा और अनुसंधान सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्वांटम तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी साझेदारी

दोनों देशों के बीच क्वांटम कम्युनिकेशन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन पर भी सहयोग समझौता हुआ। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचरोपैथी और स्लोवाक हेल्थ स्पा पीएस्टनी के बीच साझेदारी स्थापित की गई।

शिक्षा, पर्यटन और विज्ञान सहयोग पर विशेष जोर

शिक्षा क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली और स्लोवाक तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच छात्र आदान-प्रदान, छात्रवृत्ति और शोध सहयोग को लेकर समझौता हुआ। पर्यटन और वैज्ञानिक सहयोग के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी और स्लोवाक विज्ञान अकादमी के बीच साझेदारी शामिल है।

संबंधों को मिला ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ का दर्जा

दौरे के दौरान तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। सबसे अहम घोषणा भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ (व्यापक साझेदारी) के स्तर पर उन्नत करने की रही। इसके साथ ही आतंकवाद-रोधी सहयोग के लिए संयुक्त कार्य समूह (ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप) स्थापित करने का निर्णय लिया गया और कांसुलर संवाद शुरू करने की घोषणा भी की गई।

संयुक्त प्रेस वार्ता में भविष्य के सहयोग पर जताया भरोसा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फित्सो ने संयुक्त प्रेस वार्ता में द्विपक्षीय वार्ता के प्रमुख नतीजों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह व्यापक साझेदारी आने वाले वर्षों में नए अवसरों, साझा समृद्धि और दोनों देशों के नागरिकों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी। (इनपुट: आईएएनएस)