भारत बनेगा स्किल्ड केयरगिवर्स का वैश्विक हब, नीति आयोग की नई रिपोर्ट

नीति आयोग की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में देखभाल (केयर) सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने और वैश्विक स्तर पर भारतीय केयरगिवर्स के लिए रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर्स का एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत किफायती और गुणवत्तापूर्ण केयरगिविंग सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।

रिपोर्ट में केयरगिवर्स को देखभाल व्यवस्था का केंद्रीय स्तंभ बताया गया है और केयरगिविंग को एक कुशल, सम्मानजनक और मूल्यवान पेशे के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया है। इसमें गुणवत्तापूर्ण देखभाल, पेशेवर पहचान, कर्मचारियों के कल्याण, संस्थागत सहयोग तथा परिवारों और समुदायों को सुलभ एवं किफायती देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि दुनिया भर में केयरगिवर्स की बढ़ती मांग भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे भारत पारंपरिक देखभाल सेवाओं में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सकता है, आर्थिक विकास को गति मिल सकती है, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और केयरगिवर्स को बेहतर सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान मिलेगा। साथ ही भारत की सांस्कृतिक और ज्ञान-आधारित सॉफ्ट पावर भी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट संस्थागत समन्वय को मजबूत करने, पारिवारिक और पेशेवर केयरगिवर्स को सशक्त बनाने तथा भारत को कुशल केयरगिविंग सेवाओं का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करती है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि ‘सेवा और संवेदना’ भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार रहे हैं तथा केयरगिविंग इन्हीं मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मजबूत केयरगिविंग व्यवस्था सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देगी, समुदायों को सशक्त बनाएगी, गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित करेगी और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

रिपोर्ट में नीति निर्माण, केयरगिवर्स की पेशेवर पहचान, कौशल विकास, वैश्विक सहयोग, सामाजिक सुरक्षा, परिवार एवं समुदाय आधारित देखभाल जैसी प्राथमिकताओं पर विस्तृत सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय केयरगिविंग नीति और राष्ट्रीय केयरगिवर परिषद के गठन का भी प्रस्ताव रखा गया है, ताकि देश में एक संगठित, पेशेवर और भविष्य के लिए तैयार केयरगिविंग प्रणाली विकसित की जा सके।

-आईएएनएस