प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शुक्रवार को ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और पहलों पर सहमति जताई।
अबू धाबी में दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बयान के अनुसार, भारत और यूएई ने व्यापक ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू करने पर सहमति बनाई।
रणनीतिक पेट्रोलियम और गैस भंडारण पर सहयोग
दोनों नेताओं ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच हुए रणनीतिक सहयोग समझौते का स्वागत किया। इसके तहत भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में यूएई की भागीदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल की जाएगी।
साथ ही, भारत में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित करने के लिए भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एडीएनओसी के बीच दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति समझौते का भी स्वागत किया गया।
भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा
बैठक के दौरान यूएई की संस्थाओं द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की गई। इसमें एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा आरबीएल बैंक में 3 अरब डॉलर, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी द्वारा भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड में 1 अरब डॉलर और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।
पीएमओ के अनुसार, ये निवेश भारत की विकास यात्रा में यूएई की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं और दोनों देशों की रणनीतिक निवेश साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
वाडिनार में बनेगा शिप रिपेयर क्लस्टर
प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान अन्य महत्वपूर्ण समझौतों में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राइडॉक्स वर्ल्ड दुबई के बीच गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर शामिल हैं। यह परियोजना भारत सरकार की मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड योजना के तहत विकसित की जाएगी।
जहाज निर्माण और मरम्मत क्षेत्र को बढ़ावा
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ड्राइडॉक्स वर्ल्ड दुबई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरीटाइम एंड शिपबिल्डिंग के बीच त्रिपक्षीय एमओयू पर भी हस्ताक्षर हुए। इसका उद्देश्य जहाज मरम्मत क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना और भारत को जहाज निर्माण एवं मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
सुपर कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्रेड में सहयोग
दोनों देशों ने भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) और यूएई की जी-42 कंपनी के बीच साझेदारी में 8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर स्थापित करने के लिए टर्म शीट पर भी सहमति जताई।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी और यूएई राष्ट्रपति ने ‘मैत्री’ (मास्टर एप्लीकेशन फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड रेगुलेटरी इंटरफेस) के जरिए वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के संचालन की शुरुआत का स्वागत किया। यह डिजिटल ढांचा दोनों देशों के कस्टम और पोर्ट प्राधिकरणों को जोड़ेगा, जिससे माल परिवहन तेज होगा, लागत कम होगी और व्यापार अधिक सुगम बनेगा।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा
बैठक में दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की।
दोनों पक्षों ने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की सफलता की भी सराहना की, जिसके चलते द्विपक्षीय व्यापार नए स्तर पर पहुंचा है। (इनपुट: आईएएनएस)


