भारत-यूके उद्योग मंत्रियों की मुंबई में द्विपक्षीय बैठक संपन्न, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूनाइटेड किंगडम की व्यापार एवं उद्योग मंत्री पीटर काइल ने मुंबई में द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी को मजबूत करने और भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के क्रियान्वयन की दिशा तय की गई। बैठक में दोनों नेताओं ने संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (JETCO) को पुनर्गठित करने पर सहमति जताई, ताकि वह CETA के कार्यान्वयन और निगरानी का दायित्व संभाल सके। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने त्वरित, समन्वित और परिणामोन्मुख कार्रवाई पर जोर दिया, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं को अधिकतम लाभ मिल सके।

पीयूष गोयल और पीटर काइल ने 2030 तक भारत और यूके के बीच व्यापार को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने उन्नत विनिर्माण, डिजिटल व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, दोनों नेताओं ने कहा कि CETA दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा। बैठक के दौरान मंत्रियों ने नियामक सहयोग, गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण पर भी चर्चा की। वाणिज्य सचिव और महानिदेशक स्तर की पूर्व बैठक ने इस मंत्रीस्तरीय बैठक की रूपरेखा तैयार की, जिससे आगे की चर्चाएं और अधिक सार्थक और प्रगतिशील बन सकीं।

बैठक से पहले विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों जैसे उन्नत विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुएं, खाद्य एवं पेय पदार्थ, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, निर्माण, बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, और आईटी,आईटीईएस में कई सेक्टरल राउंडटेबल चर्चाएं आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में भारत और ब्रिटेन के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया और समझौते के बेहतर क्रियान्वयन के लिए उपयोगी सुझाव दिए। इसके अलावा, भारत-यूके सीईओ फोरम का भी आयोजन हुआ, जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों ने व्यापार, निवेश और नवाचार के नए अवसरों पर चर्चा की। इस फोरम ने भारत और यूके के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। -(PIB)

बैठक के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों ने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और व्यापार पर भी विचार-विमर्श किया। पीयूष गोयल ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का “विकास इंजन” बताया, वहीं पीटर काइल ने कहा कि यूके का भारत के साथ यह समझौता अब तक का सबसे अच्छा व्यापारिक सौदा है, जो ब्रिटिश व्यवसायों को भारत के विशाल बाजार तक प्राथमिक पहुंच प्रदान करेगा। बैठक का समापन दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ, जिसमें आधुनिक, समावेशी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।-(PIB)