भारत ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक रोडशो के दौरान अपने डीप-टेक स्टार्टअप कार्यक्रम ‘भारत इनोवेट्स 2026’ को वैश्विक निवेशकों और संस्थानों के सामने पेश किया। यह कार्यक्रम अगले महीने फ्रांस के नीस शहर में होने वाले बड़े सम्मेलन से पहले आयोजित किया गया।
इस रोडशो में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप तंत्र और उच्च शिक्षा आधारित नवाचार मॉडल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के सामने प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय, पेरिस स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय उद्योग परिसंघ के प्रतिनिधियों के साथ फ्रांस के व्यापार और नवाचार क्षेत्र से जुड़े 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
फ्रांस की कई प्रमुख संस्थाएं और नवाचार समूह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। रोडशो के जरिए संभावित निवेशकों और साझेदारों को ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के उद्देश्यों और निवेश अवसरों की जानकारी दी गई।
शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव के. एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा ने कहा कि यह पहल भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
वहीं, संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने भारत के तेजी से बढ़ते नवाचार तंत्र और निवेश के अवसरों पर प्रस्तुति दी।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ में 13 प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें उन्नत संगणना, अर्धचालक, अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, रक्षा और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इस पहल के तहत भारत के 120 प्रमुख डीप-टेक स्टार्टअप्स को फ्रांस ले जाया जाएगा, जहां उन्हें निवेश, शोध, उत्पादन और वैश्विक बाजार तक पहुंच के अवसर मिलेंगे।
यह कार्यक्रम 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होगा। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के उद्घाटन के दौरान की थी।
-(इनपुटःएजेंसी)


