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भारत-अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ का आगाज 2 नवम्बर से, सैन्य संबंधों को मिलेगा बढ़ावा

भारत-अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ के 15वें संस्करण का आगाज यूएसए के इडाहो स्थित ऑर्चर्ड कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर में होने जा रहा है। 2 नवंबर से 22 नवंबर तक चलने वाले इस अभ्यास में भारतीय सेना और अमेरिकी सेना की स्पेशल फोर्सेस हिस्सा ले रहीं हैं। गौरतलब है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाना, संयुक्त अभियानों में सुधार करना और विशेष अभियानों की रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है।

यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी और साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस दौरान विशेष अभियानों में आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और एयरबोर्न मिशन, ऊंचाई से सैनिकों का उतारना, पानी के माध्यम से प्रवेश, दूरस्थ लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना और हवाई नियंत्रण जैसे अभ्यास शामिल होंगे। कठिन परिस्थितियों में संचालन को बनाए रखने के लिए भी सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी वैश्विक सुरक्षा स्थितियों के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।

पिछले साल मेघालय के उमरोई में हुआ था वज्र प्रहार का आयोजन

ज्ञातव्य हो कि पिछले साल, वज्र प्रहार का आयोजन मेघालय के उमरोई में किया गया था, जहां भारतीय और अमेरिकी विशेष बलों ने विभिन्न अभ्यास किए थे। 2010 में भारत में शुरू हुई यह साझेदारी एक मजबूत विरासत को आगे बढ़ा रहा है। 2010 से लेकर अब तक यह अभ्यास हर साल दोनों देशों के बीच बारी-बारी से आयोजित किया जा रहा है और एक मजबूत मंच के रूप में कार्य कर रहा है जहां सर्वोत्तम रणनीतियों का आदान-प्रदान होता है।

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