केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही हैं। वे अबू धाबी में निवेशों पर 13वीं भारत-यूएई उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल बैठक को संबोधित कर रहे थे। गोयल ने बताया कि उनकी हाल ही में अमेरिका के असिस्टेंट यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के साथ चर्चा हुई थी, जो रचनात्मक रही और सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ हमारी चर्चाएं दो दिन पहले हुईं। ये उत्पादक रहीं और सही दिशा में बढ़ रही हैं। भारत-अमेरिका संबंध बहुत मजबूत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।”
भारत और अमेरिका ने इस साल मार्च में द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) पर बातचीत शुरू की थी। इस समझौते का पहला चरण अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। अब तक दोनों देशों के बीच पांच दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, जबकि छठा दौर, जो अगस्त में होना था जिसे स्थगित कर दिया गया। मंगलवार को अमेरिका के असिस्टेंट ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच ने नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों ने अगले कदमों पर चर्चा की और जल्द से जल्द एक पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर पहुंचने के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति जताई। मंत्रालय के बयान के अनुसार, लिंच, जो BTA के मुख्य वार्ताकार भी हैं, 16 सितंबर को भारतीय दौरे पर आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। चर्चाओं को सकारात्मक और भविष्य उन्मुख बताया गया।
हाल के महीनों में भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते की संभावना भी तलाश की थी। लेकिन जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया और अगस्त में अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाकर इसे कुल 50 प्रतिशत कर दिया। यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल का आयात जारी रखने की वजह से उठाया गया था। नए शुल्क 27 अगस्त से लागू हो गए। भारत ने अमेरिका की ओर से कृषि और डेयरी सेक्टर खोलने की मांग पर चिंता जताई है, क्योंकि ये सेक्टर करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़े हुए हैं। गोयल ने कहा कि भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंध स्वतंत्र हैं और किसी अन्य संबंध पर निर्भर नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया, “यूएई के साथ हमारे संबंध भरोसे, संभावनाओं और अवसरों पर आधारित हैं। भारत के लिए कोई भी दो रिश्ते आपस में जुड़े हुए या एक-दूसरे पर निर्भर नहीं हैं। यूएई संबंध भी उतने ही महत्वपूर्ण और रणनीतिक हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यूएई के साथ वस्त्र, दवाइयां, मछली एवं समुद्री उत्पाद और चमड़े के सामान जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।-(ANI)


