भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की 9वीं बैठक बीते मंगलवार को ताशकंद में आयोजित हुई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद निरोध) डॉ. विनोद जे. बहाडे और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका विभाग के प्रमुख गुलोमजोन पिरिमकुलोव ने की।
बैठक में दोनों पक्षों ने वैश्विक स्तर पर और अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी संगठनों से उत्पन्न खतरों पर चर्चा की। उन्होंने उभरती चुनौतियों जैसे उग्रवाद और कट्टरपंथ को रोकना, आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाना, तकनीक का आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल रोकना, संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध तथा आतंकवादियों की वैश्विक आवाजाही जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए।
वहीं भारत और उज्बेकिस्तान दोनों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने पर भी चर्चा की। साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन-रीजनल एंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर (SCO-RATS) और यूरेशियन ग्रुप (EAG) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके अलावा दोनों देशों ने तय किया कि भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक भारत में पारस्परिक रूप से सहमत तिथि पर आयोजित की जाएगी।-(Mea)


