स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने सोमवार को कहा कि उनका भारत दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
राष्ट्रपति पार्मेलिन का सोमवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
औपचारिक स्वागत के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्मेलिन ने कहा कि यह यात्रा भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों के महत्व को रेखांकित करने का एक अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा दोनों देशों के व्यापक और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को आगे बढ़ाने, गहरा करने और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलने पर खुशी जताई।
पार्मेलिन ने कहा कि भारत में उनका प्रवास भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों की अब तक की उपलब्धियों को देखने और भविष्य की साझेदारी को आकार देने का सही समय है।
भारत और EFTA के चार सदस्य देशों आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के बीच TEPA एक व्यापक व्यापार समझौता है। इस समझौते पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर हुए थे और यह 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ।
स्विस राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए सोमवार को भारत पहुंचे हैं। उनकी यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों की आवाजाही समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर जोर रहेगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पार्मेलिन के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है और इस साल उनका भारत का दूसरा दौरा है। इससे पहले वह फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में शामिल होने भारत आए थे।
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इसमें व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, लोगों की आवाजाही, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
यात्रा के दौरान पार्मेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में आधिकारिक रात्रिभोज की मेजबानी करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
पार्मेलिन 7 अक्टूबर को होने वाले दूसरे भारत-EFTA समृद्धि सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत-EFTA TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने स्विट्जरलैंड को भारत का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार बताया है। EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है।
मंत्रालय ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और उच्चस्तरीय नियमित संवाद से दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने तथा आपसी हित के नए क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने में मदद मिलेगी।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लगातार उच्चस्तरीय संपर्क रहा है। भारत के राष्ट्रपति की पिछली राजकीय स्विट्जरलैंड यात्रा 2019 में हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 और 2018 में स्विट्जरलैंड की आधिकारिक यात्राएं की थीं।
-(इनपुटः IANS)


