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भारत बनेगा ग्लोबल फार्मा लीडर: जेपी नड्डा

भारत आने वाले समय में वैश्विक फार्मा सेक्टर में नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश अब बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स और स्पेशलिटी दवाओं पर फोकस करके इनोवेशन-आधारित फार्मा हब बनने की ओर बढ़ रहा है।

सरकार ने हाल ही में ‘Biopharma Shakti Initiative’ शुरू की है, जिसके तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य बायोफार्मा क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी क्षमता को मजबूत करना है।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वैश्विक फार्मा बाजार में 87 प्रतिशत हिस्सेदारी इनोवेटिव दवाओं की है, इसलिए भारतीय उद्योग को भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।

सरकार की अन्य योजनाएं जैसे PRIP स्कीम, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और जन औषधि योजना भी इस क्षेत्र को मजबूत कर रही हैं। इन योजनाओं के जरिए देश में दवाओं का उत्पादन बढ़ाने, सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने और रिसर्च को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्रियों ने बताया कि ‘India Pharma 2026’ जैसे आयोजन उद्योग, सरकार और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच हैं।

भारत फिलहाल दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं बनाता है और वैश्विक वैक्सीन की 70 प्रतिशत मांग पूरी करता है, जो उसकी मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दर्शाता है।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भविष्य में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स की मांग तेजी से बढ़ेगी और 2030 तक इसका बाजार 75 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

उन्होंने IIT और NIPER जैसे संस्थानों के जरिए रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने की भी बात कही।

यह सम्मेलन औषधि विभाग, FICCI और इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें दुनियाभर के विशेषज्ञ और उद्योग से जुड़े लोग शामिल हुए।

कुल मिलाकर, भारत अब जेनेरिक दवाओं के निर्माता से आगे बढ़कर एक इनोवेशन-ड्रिवन ग्लोबल फार्मा लीडर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

-IANS