अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने वाशिंगटन स्थित अपने आवास पर दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर का स्वागत किया। इस मुलाकात में दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिकी विदेश विभाग ने क्वात्रा का आभार जताते हुए भारत-अमेरिका संबंधों पर सार्थक चर्चा बताई
अमेरिकी विदेश विभाग के दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो ने एक्स पर लिखा कि उन्हें इंडिया हाउस में आमंत्रित करने के लिए वे राजदूत क्वात्रा के आभारी हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने पर सार्थक बातचीत हुई।
राजदूत क्वात्रा ने एक्स पर बताया कि पॉल कपूर संग भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर उपयोगी चर्चा हुई
राजदूत विनय क्वात्रा ने भी एक्स पर संदेश साझा किया कि पॉल कपूर के साथ भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई। उन्होंने लिखा, “इंडिया हाउस में सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर की मेजबानी करके प्रसन्नता हुई। साझा प्राथमिकताओं और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर एक आकर्षक चर्चा हुई।”
भारतीय मूल के पॉल कपूर को ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों का सहायक विदेश मंत्री नियुक्त किया है, उन्होंने डोनाल्ड लू का स्थान लिया
पॉल कपूर भारतीय मूल के सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ हैं। उन्हें हाल ही में ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों का नया सहायक विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने डोनाल्ड लू का स्थान लिया है, जो सितंबर 2021 से जनवरी 2025 तक इस पद पर रहे।
पॉल कपूर भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ताओं के विशेषज्ञ और हूवर इंस्टीट्यूशन के विजिटिंग फेलो हैं
इससे पहले, पॉल कपूर 2020 से 2021 तक अमेरिकी विदेश विभाग के नीति नियोजन स्टाफ में थे, जहां उन्होंने दक्षिण-मध्य एशिया, इंडो-पैसिफिक रणनीति और भारत-अमेरिका संबंधों पर काम किया। कपूर भारत-अमेरिका के बीच होने वाली महत्वपूर्ण रक्षा और रणनीतिक वार्ताओं का भी नेतृत्व कर चुके हैं। वह हूवर इंस्टीट्यूशन में विजिटिंग फेलो और कैलिफोर्निया के मोंटेरे स्थित यूएस नेवल पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल में प्रोफेसर हैं।
दिल्ली में जन्मे पॉल कपूर ने कहा था कि भारत से जुड़ा राजनयिक पद संभालना उनके जीवन का “पूरा चक्र” जैसा है
जून में कपूर ने सीनेट में कहा था कि उनका जीवन “पूरा चक्र” जैसा महसूस होता है। वे दिल्ली में भारतीय पिता और एक अमेरिकी मां के यहां पैदा हुए थे और बचपन में अक्सर भारत आते थे, लेकिन बड़े होते समय उन्हें यह नहीं लगा था कि एक दिन वे भारत से जुड़े इतने महत्वपूर्ण राजनयिक पद पर काम करेंगे।
कपूर ने कहा, भारत-अमेरिका के साझा हितों में मुक्त इंडो-पैसिफिक, व्यापार, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा साझेदारी शामिल हैं
भारत-अमेरिका संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित कई मामलों में समान हैं- जैसे कि चीन के दबाव से मुक्त खुला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, बढ़ता द्विपक्षीय व्यापार, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा संसाधनों तक बेहतर पहुंच।
अमेरिकी हितों के अनुसार पाकिस्तान के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाया जाएगा, और उनका विभाग क्षेत्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था तथा आतंकवाद विरोधी नीतियों में अहम भूमिका निभाएगा
पाकिस्तान पर उन्होंने कहा कि जहां अमेरिकी हितों के अनुसार लाभ होगा, वहां सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों का यह विभाग सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अमेरिकी नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।(इनपुट-आईएएनएस)


