भारतीय सेना ने मंगोलिया में आयोजित बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट 2025’ में दिखाया दम

भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगोलिया के उलानबटार के पास स्थित फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में चल रहे बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट 2025’ में सक्रिय भागीदारी की है। यह अभ्यास 14 जून से शुरू हुआ था, जबकि इसका समापन 28 जून को होगा। इसे मंगोलियाई सशस्त्र बल और अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस बार कुल 24 देशों के सैनिक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इसके तहत सभी सैनिक संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अंतर-संचालन, IED निरोधक रणनीति और नागरिक-सैन्य समन्वय को मजबूत करना है।

वहीं भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय, जन सूचना (ADG PI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॅार्म एक्स पर अभ्यास की तस्वीरें और वीडियो साझा कर लिखा “खान क्वेस्ट 2025 का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय वातावरण में शांति अभियानों के संचालन हेतु भारतीय सेना की अन्य देशों के साथ साझेदारी और समन्वय बढ़ाना है। भारतीय सेना वैश्विक शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।” भारतीय दल के एक अधिकारी ने वीडियो में कहा, “खान क्वेस्ट एक अनोखा मंच है, जहां विश्व की सेनाएं मानवीय और शांति अभियानों के लिए एक साथ प्रशिक्षण लेती हैं। भारत को गर्व है कि वह संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में अपने समृद्ध अनुभव के साथ इसमें योगदान दे रहा है।”

भारतीय सेना की टुकड़ी ने 18 जून को अभ्यास के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और सभी देशों में सबसे तेज समय लेकर कोर्स पूरा किया। अभ्यास में बालू की बोरियों को उठाना, भारी टायर पलटना जैसी चुनौतीपूर्ण गतिविधियां शामिल थीं, जिनमें भारतीय सैनिकों ने न केवल प्रतिस्पर्धा बल्कि सहयोग और उत्साह के साथ भाग लिया। भारतीय टुकड़ी में कुल 40 जवान शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से कुमाऊं रेजीमेंट के सैनिक हैं, साथ ही अन्य शाखाओं और सेवाओं के सदस्य भी हैं। खास बात यह है कि टीम में एक महिला अधिकारी और दो महिला सैनिक भी शामिल हैं, जो भारतीय सेना की लैंगिक समावेशिता की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गौरतलब है कि ‘खान क्वेस्ट’ अभ्यास का यह 22वां संस्करण है। यह अभ्यास वर्ष 2003 में अमेरिका और मंगोलिया के बीच द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था जो 2006 से एक बहुराष्ट्रीय अभ्यास में तब्दील हो गया। पिछला अभ्यास 27 जुलाई से 9 अगस्त 2024 के बीच मंगोलिया में हुआ था। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत बहुपक्षीय शांति अभियानों के लिए तैयार करना, सैन्य दक्षता को बढ़ाना और विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच समन्वय को सशक्त करना है।-(ANI)