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पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत: RBI गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देश के मजबूत व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) आधार, संतुलित नीतियां और सुदृढ़ बैंकिंग प्रणाली भारत को बाहरी झटकों से निपटने में सक्षम बनाती हैं।

डीडी न्यूज़ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कमजोर मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है और चालू वित्त वर्ष में 6.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।

बैंकिंग प्रणाली मजबूत

RBI गवर्नर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति मजबूत है। बैंकों का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 17.5 प्रतिशत और लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 120 प्रतिशत से अधिक है, जिससे वित्तीय प्रणाली की मजबूती स्पष्ट होती है।

महंगाई पर नियंत्रण प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि RBI का पहला उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना और महंगाई को नियंत्रित रखना है, क्योंकि नियंत्रित मुद्रास्फीति आर्थिक विकास की मजबूत नींव होती है। साथ ही केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि को भी समर्थन देने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति के फैसले आर्थिक वृद्धि, महंगाई और उसके विभिन्न घटकों के व्यापक विश्लेषण के आधार पर लिए जाते हैं।

सभी प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ा बैंक ऋण

मल्होत्रा ने बताया कि जून तक कुल बैंक ऋण में करीब 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि, उद्योग, एमएसएमई, बुनियादी ढांचा और सेवा क्षेत्र समेत लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में दोहरे अंक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां अत्यधिक कर्ज वितरण चिंता का कारण बन रहा हो, हालांकि RBI सभी क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

रुपये पर दबाव, लेकिन बाहरी स्थिति मजबूत

रुपये पर दबाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के बाद डॉलर मजबूत हुआ है, लेकिन अन्य देशों की तुलना में भारतीय रुपये की स्थिति संतुलित है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), बढ़ते प्रेषण (Remittances), मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और मजबूत भुगतान संतुलन (Balance of Payments) से भारत की बाहरी स्थिति को मजबूती मिल रही है।

डिजिटल फ्रॉड रोकने पर फोकस

RBI गवर्नर ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्रीय बैंक रोकथाम, निगरानी और जागरूकता तीनों स्तरों पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले Limited Liability Framework के तहत कुछ डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है, ताकि डिजिटल भुगतान प्रणाली पर लोगों का भरोसा मजबूत बना रहे।

बैंकिंग में AI अपनाने की सलाह

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) बैंकिंग सेवाओं को तेज, बेहतर और कम लागत वाला बना सकती है। हालांकि इसके साथ साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता जैसे जोखिम भी जुड़े हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

युवा निवेशकों को सलाह

युवा निवेशकों के लिए संजय मल्होत्रा ने कहा कि निवेश हमेशा अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर निवेशक को अपनी एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी सोच-समझकर तय करनी चाहिए।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा

रैपिड फायर राउंड में भारतीय अर्थव्यवस्था को एक शब्द में परिभाषित करने के लिए पूछे गए सवाल पर RBI गवर्नर ने जवाब दिया—”मजबूत”। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे जिस भी क्षेत्र में काम करें, उत्कृष्टता (Excellence) को अपना लक्ष्य बनाएं और अपने काम पर गर्व करें।