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वैश्विक बाजार की नई जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय निर्यातक तैयार: सरकार

भारतीय निर्यातक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उभरती स्थिरता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त रूप से जागरूक और तैयार हैं। सरकार के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव अमित वर्मा ने कहा कि विभाग निर्यातकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उभरती नियामकीय आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने में उनकी मदद करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग उद्योग और संबंधित हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है तथा भारतीय निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने और व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

वाणिज्य विभाग ने राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड (NABCB) और इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) के सहयोग से यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (EU CBAM) नियमों पर निर्यातकों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, सत्र में करीब 100 निर्यातकों और उद्योग से जुड़े हितधारकों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को CBAM के तहत बदलती नियामकीय आवश्यकताओं के बारे में जागरूक करना और उन्हें अनुपालन के लिए तैयार करना था।

NABCB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन. वेंकटेश्वरन ने कहा कि उत्सर्जन से जुड़े आंकड़ों में विश्वसनीयता और CBAM की आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए भरोसेमंद प्रत्यायन और सत्यापन व्यवस्था महत्वपूर्ण है।

EEPC के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने निर्यात मूल्य श्रृंखला में जागरूकता और तैयारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों से उत्सर्जन संबंधी उचित आंकड़ों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय निर्यातकों के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए प्रभावी सत्यापन व्यवस्था की जरूरत पर भी बल दिया।

वाणिज्य विभाग ने कहा कि वह निर्यातकों, उद्योग संघों और संबंधित संस्थानों के साथ लगातार काम करता रहेगा, ताकि उभरते स्थिरता संबंधी व्यापार नियमों को लेकर जागरूकता और क्षमता बढ़ाई जा सके तथा बदलते वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के लिए भारतीय उद्योग की तैयारी मजबूत हो।

तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को EU CBAM के ढांचे, इसके दायरे और इसमें शामिल उत्पादों, निर्यातकों की जिम्मेदारियों, उत्पादों में निहित कार्बन उत्सर्जन की गणना, आंकड़े एकत्र करने और रिपोर्टिंग की आवश्यकताओं तथा प्रत्यायन और सत्यापन व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई।

सत्र ने निर्यातकों और उद्योग प्रतिनिधियों को CBAM से जुड़े नियामकीय और तकनीकी पहलुओं को समझने तथा अनुपालन और रिपोर्टिंग से जुड़े सवालों पर विशेषज्ञों से स्पष्टीकरण लेने के लिए एक संवादात्मक मंच भी प्रदान किया।

-(इनपुटः आईएएनएस)

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