भारतीय नौसेना ने पश्चिमी भारतीय महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी मुहिम को अंजाम दिया है। यहां से 2,500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को जब्त किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जब्त किए गए 2,500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ में 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन शामिल हैं। इस ऑपरेशन में मरीन कमांडो की भी मदद ली गई। यह ऑपरेशन भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस तरकश की मदद से किया गया है। यह भारतीय नौसेना का एक प्रमुख फ्रिगेट है, जो पश्चिमी नौसैनिक कमान के तहत ऑपरेट कर रहा है।
आईएनएस तरकश को 31 मार्च को गश्त के दौरान एक सूचना मिली। भारतीय नौसेना के पी8आई विमान ने क्षेत्र में कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचनाएं दी थीं। ऐसा माना जा रहा था कि ये जहाज अवैध कार्यों में शामिल थे। इनमें नशीले पदार्थों की तस्करी भी शामिल है। आईएनएस तरकश ने संदिग्ध जहाजों को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की। आसपास के सभी संदिग्ध जहाजों से व्यवस्थित रूप से पूछताछ की गई।
इसके बाद पी8आई तथा मुंबई स्थित समुद्री परिचालन केंद्र के साथ समन्वित प्रयासों से एक संदिग्ध डाउ नौका को रोका गया और उस पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, आईएनएस तरकश ने संदिग्ध जहाज की गतिविधियों पर नजर रखने और क्षेत्र में आवागमन करने वाले अन्य जहाजों की पहचान करने के लिए अपना विशेष हेलीकॉप्टर रवाना किया।
कार्रवाई के दौरान मरीन कमांडो के साथ एक विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम संदिग्ध नौका पर चढ़ी और गहन तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न सीलबंद पैकेट बरामद हुए। आगे की तलाशी और पूछताछ से पता चला कि जहाज पर विभिन्न कार्गो होल्ड तथा डिब्बों में 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ थे, जिसमें 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन रखी थी।
संदिग्ध डाउ नौका को बाद में तरकश के नियंत्रण में लिया गया और चालक दल से उनकी कार्यप्रणाली तथा क्षेत्र में अन्य समान जहाजों की उपस्थिति के बारे में व्यापक पूछताछ की गई।
यह जब्ती समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों को रोकने और नियंत्रित करने में भारतीय नौसेना की प्रभावशीलता एवं कार्यकुशलता को रेखांकित करती है।