वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की सतर्कता के चलते प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, हालांकि व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 416.72 अंक यानी 0.54 फीसदी गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 97 अंक यानी 0.40 फीसदी की कमजोरी के साथ 23,995.70 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में अदानी पोर्ट्स, आईटीसी, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा शामिल रहे। वहीं, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे।
हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.28 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए, जो बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत है।
सेक्टोरल आधार पर बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा, जहां निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी बैंक इंडेक्स प्रमुख गिरावट वाले रहे। इसके विपरीत, तेल और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में तेजी देखी गई, जिससे निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी मेटल इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई।
बाजार की धारणा पर असर तब पड़ा जब खबरें सामने आईं कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के हालिया प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पेशकश की है, लेकिन उसने अपने परमाणु कार्यक्रम पर फिलहाल कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।
इन अनिश्चितताओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड लगभग 2.78 फीसदी बढ़कर 111.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
(इनपुट-आईएएनएस)


