पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक असर की आशंकाओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक यानी 1.92 प्रतिशत टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 436.30 अंक यानी 1.83 प्रतिशत गिरकर 23,379.55 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट बन गया है, जबकि इसके नीचे 23,100 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि 23,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी बेहद अहम सपोर्ट ज़ोन है, जहां पहले मजबूत खरीदारी देखने को मिली थी।
वहीं ऊपर की ओर अब 23,500 निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस बन गया है, जबकि 23,800 के स्तर पर भारी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में केवल भारतीय स्टेट बैंक का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि बाकी सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे।
सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में Tech Mahindra, HCL Technologies, Titan Company और Tata Consultancy Services शामिल रहे, जिनमें 4.44 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और महंगे कच्चे तेल के दबाव के बीच लोगों से ऊर्जा खपत, विदेशी यात्राओं और सोने की खरीद कम करने की अपील की।
बाजार को आशंका है कि पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट भारत की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर डाल सकता है। गिरावट का असर व्यापक बाजार पर ज्यादा देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.54 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 3.17 प्रतिशत टूटकर बंद हुए।
सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया शेयरों में भी कमजोरी बनी रही।
हालांकि मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया। कमोडिटी कीमतों में तेजी के कारण इन सेक्टरों में निवेशकों की रुचि बनी रही।
(इनपुट-आईएएनएस)


