लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत के युवा और महिलाएं दुनिया के भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने आज गुरुवार को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय युवा नवाचार (इनोवेशन), शोध (रिसर्च) और वैश्विक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बिरला ने भारतीय महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि वे आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही देश की प्रगति में योगदान दे रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाएं जल्द ही परिवर्तन की नेता (लीडर ऑफ चेंज) बनेंगी और भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगी।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक (टेक्नोलॉजी) के बढ़ते उपयोग से नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं, जिससे युवा नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तकनीकी प्रगति को अपनाते समय समाज की चुनौतियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों को रचनात्मक, नवाचारी और दृढ़ निश्चयी बनने की प्रेरणा दी, क्योंकि उनके पास दुनिया को बदलने की शक्ति है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असफलता को सफलता की सीढ़ी मानना चाहिए, और आज के प्रतिस्पर्धी दौर में लगन और मेहनत से ही सफलता संभव है।
अपने अनुभव साझा करते हुए बिरला ने छात्र जीवन को “स्वर्णिम काल” (गोल्डन फेज) बताया, जो अवसरों और संभावनाओं से भरा होता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट करें और पूरी लगन से उन्हें हासिल करें। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी को कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
बिरला ने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया और इसे एक ऐसा माध्यम बताया, जो मन को प्रबुद्ध करता है, बदलाव की प्रेरणा देता है और राष्ट्र निर्माण में सहायक होता है। उन्होंने युवाओं से अनुरोध किया कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता के बारे में न सोचें, बल्कि समाज और देश की उन्नति के लिए भी कार्य करें।