केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) जो करीब 10 साल पहले 10 अरब डॉलर थी, वह अब बढ़कर 130 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है और आने वाले कुछ वर्षों में 300 अरब डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत अब बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) से संचालित अगली औद्योगिक क्रांति में प्रवेश कर चुका है।
डॉ. सिंह ने बताया कि भारत उन कुछ देशों में से एक है जिसके पास विशेष बायोटेक्नोलॉजी नीति है, जिसका नाम है ‘बायो ई3 (BiOE3)’। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सरकार के सबसे सक्रिय और समन्वित वैज्ञानिक विभागों में से एक बन गया है।
इस अवसर पर मंत्री ने BRIC–BIRAC Entrepreneur-in-Residence (EIR) Programme भी लॉन्च किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 14 स्वायत्त बायोटेक संस्थानों को एक छतरी के नीचे लाने का फैसला किया गया था, जिससे ‘BRIC’ की स्थापना हुई। यह कदम भारत के बायोटेक सेक्टर में समन्वय, नवाचार और प्रभाव को और मजबूत बनाता है।
डॉ. सिंह ने कहा, “अब अलग-अलग विभागों में अकेले काम करने का समय खत्म हो गया है। अब हम बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल रिसर्च, कृषि और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। BRIC अब IITs, मेडिकल संस्थानों और निजी उद्योगों के साथ भी साझेदारी कर रहा है ताकि नवाचार (innovation) की गति बढ़ाई जा सके।”
उन्होंने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी अब भारत की चौथी औद्योगिक क्रांति (Fourth Industrial Revolution) का मुख्य आधार बन चुकी है।
बायो ई3 नीति के ज़रिए भारत ने खुद को वैश्विक जैव-नवाचार (Global Bio-innovation) में अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल कर लिया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि जब भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था बायोटेक्नोलॉजी पर आधारित होगी, तब भारत किसी का अनुयायी नहीं बल्कि नेता (Leader) होगा।
इस अवसर पर डॉ. राजेश एस. गोकले, सचिव, DBT और DG, BRIC ने भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में BRIC संस्थानों ने 3,190 शोध पत्र, 107 पेटेंट, 13 टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, 2,578 पीएचडी शोधार्थी और 678 पोस्ट-डॉक्टरल फेलो के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
उन्होंने बताया कि Nature’s Pringles Index के अनुसार, BRIC भारत में जैव-विज्ञान (Biological Sciences) के क्षेत्र में नंबर वन स्थान पर है।
-(इनपुटःएजेंसी)


