वित्त सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू ने गुरुवार को इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी (IDC) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा भारत में विदेशी बैंकों की शाखाएँ, प्रतिनिधि कार्यालय और सहायक इकाइयाँ खोलने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में भारतीय बैंकों द्वारा विदेशों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही भारत में मौजूद विदेशी बैंकों की शाखाओं के स्थान बदलने (relocation) से जुड़े अनुरोधों पर भी विचार किया गया। बैठक के बाद समिति ने संबंधित प्रस्तावों पर अपनी सिफारिशें दीं।
बैठक में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य विभाग और RBI के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह समिति DFS के अंतर्गत कार्य करती है और विदेशी तथा भारतीय बैंकों से आने वाले ऐसे प्रस्तावों का मूल्यांकन करती है। समिति अंतिम सिफारिश से पहले संबंधित मंत्रालयों से परामर्श करती है ताकि निर्णय सर्वसम्मति से हो सके।
इससे पहले, नागराजू ने कहा था कि वित्तीय समावेशन और डिजिटल बदलाव हाल के वर्षों में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि भारत का फाइनेंशियल इन्क्लूज़न इंडेक्स मार्च 2025 में बढ़कर 67.0 हो गया, जो पिछले वर्ष 64.2 था।
नागराजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के खातों की संख्या पिछले डेढ़ साल में 52 करोड़ से बढ़कर 57 करोड़ तक पहुँच गई है।


