भारत की साइबर सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले Computer Emergency Response Team–India (CERT-In) ने वर्ष 2025 के दौरान 29.44 लाख से अधिक साइबर सुरक्षा घटनाओं को संभाला। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि इस दौरान CERT-In ने 1,530 साइबर अलर्ट और 390 वल्नरेबिलिटी नोट्स जारी किए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, CERT-In ने 231 प्रमाणित साइबर सुरक्षा ऑडिट संगठनों को पैनल में शामिल किया, जिससे देश की महत्वपूर्ण सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) अवसंरचना में ऑडिट और कमजोरियों के आकलन की क्षमता को मजबूती मिली है।
CERT-In द्वारा स्थापित साइबर स्वच्छता केंद्र (Cyber Swachhta Kendra) अब भारत की लगभग 98 प्रतिशत डिजिटल आबादी को कवर करता है। यह केंद्र बड़े पैमाने पर बॉटनेट और मैलवेयर संक्रमण से जुड़े अलर्ट भेजता है। अब तक 1,427 संगठनों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है और इसके मुफ्त बॉटनेट-रिमूवल टूल्स के 89.55 लाख डाउनलोड दर्ज किए गए हैं, जिससे मैलवेयर की पहचान और उसे हटाने में मदद मिली।
CERT-In इंटरनेट से जुड़े उपकरणों जैसे कंप्यूटर, मोबाइल फोन, IoT डिवाइस और होम राउटर पर नजर रखता है, जो मैलवेयर से संक्रमित हो सकते हैं। यह उपयोगकर्ताओं को संक्रमित डिवाइस साफ करने के लिए मुफ्त टूल्स और दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराता है। साथ ही, यह उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर संक्रमित प्रणालियों की पहचान कर उपयोगकर्ताओं को समय रहते सचेत करता है।
सरकार ने बताया कि क्षमता निर्माण और तैयारी के तहत CERT-In ने 32 विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम, 95 जागरूकता सत्र आयोजित किए, जिनमें 91,065 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, 20,799 अधिकारियों और साइबर सुरक्षा पेशेवरों को प्रशिक्षित किया गया।
CERT-In की प्रमुख जिम्मेदारियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अपने ऑटोमेटेड साइबर थ्रेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करना, लगभग रियल-टाइम में खतरे की जानकारी साझा करना और नियमित अभ्यास एवं ड्रिल आयोजित करना शामिल है।
वर्ष 2025 में CERT-In ने 122 साइबर सुरक्षा ड्रिल और अभ्यास आयोजित किए। इनमें टेबल-टॉप एक्सरसाइज शामिल थीं, जिनमें रक्षा, अर्धसैनिक बल, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, दूरसंचार, वित्त, बिजली, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे क्षेत्रों से जुड़े 1,570 सार्वजनिक और निजी संगठनों ने भाग लिया।
CERT-In ने 29 कॉमन वल्नरेबिलिटीज एंड एक्सपोजर्स (CVE) की पहचान कर उन्हें प्रकाशित किया। इसके साथ ही, AI-आधारित थ्रेट डिटेक्शन और रियल-टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस साझा करने के लिए CERT-In को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और फ्रांस की साइबर एजेंसी ANSSI जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों से मान्यता भी मिली है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में इंटरनेट कनेक्शन 2025 में बढ़कर 100.29 करोड़ हो गए, जबकि मार्च 2014 में यह संख्या 25.15 करोड़ थी। इसी अवधि में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत 61.66 एमबी से बढ़कर 24.01 जीबी हो गई, जो दुनिया में सबसे अधिक में से एक है।
-(इनपुटःएजेंसी)


