केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर भारत की पहली ‘स्काईकास्ट’ प्रणाली का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत ने कोहरा-मुक्त और मौसम-स्मार्ट विमानन के नए युग में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रणाली पायलटों को वास्तविक समय में मौसम की जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिससे कोहरे और ट्रबुलेंस के कारण होने वाली उड़ान देरी, मार्ग परिवर्तन और उड़ान रद्द होने की घटनाओं में कमी आएगी।
भारत बना उन्नत विमानन मौसम निगरानी प्रणाली अपनाने वाला 19वां देश
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘स्काईकास्ट’ प्रणाली के साथ भारत उन्नत एकीकृत विमानन मौसम निगरानी प्रणाली तैनात करने वाला दुनिया का 19वां देश बन गया है। उन्होंने बताया कि अगली स्काईकास्ट सुविधा जेवर हवाई अड्डे पर स्थापित की जाएगी, जिसके बाद इसे देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों तक विस्तारित किया जाएगा।
मिशन मौसम के तहत विकसित हुई प्रणाली
केंद्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि “मिशन मौसम” के तहत विकसित स्काईकास्ट सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए उन्नत वायुमंडलीय प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करती है। यह प्रणाली रडार विंड प्रोफाइलर, ग्राउंड-बेस्ड फॉग एरोसोल स्पेक्ट्रोमीटर, लिडार सीलोमीटर और अन्य आधुनिक सेंसरों को जोड़कर 3 किलोमीटर तक के वायुमंडल की निगरानी करती है। उन्होंने कहा कि सरकार मौसम सेवाओं के लोकतंत्रीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि नागरिकों को अधिक सटीक और समयबद्ध मौसम संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मौसम पूर्वानुमान क्षमता होगी और मजबूत
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने कहा कि स्काईकास्ट सुविधा न केवल विमानन संचालन में सहयोग देगी, बल्कि भारत की समग्र मौसम पूर्वानुमान क्षमताओं को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से प्राप्त हवा, आर्द्रता और तापमान के ऊर्ध्वाधर प्रोफाइल भविष्य के मौसम पूर्वानुमानों की सटीकता बढ़ाने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि मिशन मौसम के तहत देशभर में डॉप्लर मौसम रडार और अन्य उन्नत अवलोकन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि मौसम प्रणालियों की बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
उच्च गुणवत्ता वाले डेटा से बढ़ेगी पूर्वानुमान की सटीकता
डॉ. एम. रविचंद्रन ने कहा कि ऐसी अत्याधुनिक सुविधाओं से उच्च गुणवत्ता वाला वायुमंडलीय डेटा प्राप्त होगा, जिससे आने वाले वर्षों में मौसम पूर्वानुमानों की सटीकता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इन प्रौद्योगिकियों को तेजी से हवाई अड्डों और देश के अन्य हिस्सों में तैनात किया जाएगा। साथ ही, पूर्वानुमान क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए विमान-आधारित अवलोकनों को भी एकीकृत किया जाएगा।
शहरी मौसम, प्रदूषण प्रबंधन और आपदा तैयारी में भी मिलेगी मदद
सचिव रविचंद्रन ने कहा कि विमानन क्षेत्र के अलावा स्काईकास्ट अवलोकन उन्नत पूर्वानुमान मॉडल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निर्णय सहायता प्रणालियों, शहरी मौसम पूर्वानुमान, प्रदूषण प्रबंधन, परिवहन परामर्श और आपदा तैयारी पहलों को भी मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि मिशन मौसम के तहत विकसित स्काईकास्ट प्रणाली मौसम-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण, विमानन क्षमता को मजबूत करने और वैज्ञानिक नवाचार के जरिए सुरक्षित तथा अधिक विश्वसनीय सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। (इनपुट: पीआईबी)


