01/09/25 | 3:45 pm | GDP growth | Indian Economy

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भारत की जीडीपी वृद्धि : 2030 तक भारत बन जाएगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत 2030 तक अनुमानित 7.3 ट्रिलियन डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह गति निर्णायक शासन, दूरदर्शी सुधारों और सक्रिय वैश्विक भागीदारी से प्रेरित है। उल्लेखनीय रूप से, विकास में तेज़ी आ रही है, और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.8% की वृद्धि होने की उम्मीद है , जो एक वर्ष पहले 6.5% थी।

यह वृद्धि मज़बूत घरेलू मांग और परिवर्तनकारी नीतिगत सुधारों से प्रेरित है, जो भारत को वैश्विक पूंजी के लिए आकरषित करते हैं। घटती मुद्रास्फीति, बढ़ते रोज़गार और उत्साहजनक उपभोक्ता भावना के साथ, आने वाले महीनों में निजी खपत से जीडीपी वृद्धि को और गति मिलने की उम्मीद है। भारत की मजबूत सेवा क्षेत्र ने लगातार दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि को आशा से बेहतर बनाने में मदद की है जो अप्रैल-जून 2025 के लिए 7.8% के प्रभावशाली उच्च स्तर पर पहुंच गई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में तेज वृद्धि ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) किसी देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाकर अर्थव्यवस्था के आकार को दर्शाता है। वास्तविक जीडीपी, जो मुद्रास्फीति के प्रभावों को हटाकर अर्थव्यवस्था के उत्पादन को मापती है, 2024-25 की पहली तिमाही में 6.5% की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी ₹47.89 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह ₹44.42 लाख करोड़ थी, जो 7.8% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में, कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्य पालन तथा खनन और उत्खनन सहित संबद्ध क्षेत्र में 3.7% की वृद्धि हुई, जो पिछ्ले वित वर्ष इसी अवधि में 1.5% थी।
दूसरे क्षेत्र विनिर्माण, बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाएं तथा निर्माण जैसी सेवाओ ने मजबूत वृद्धि दर्ज की, जिसमें विनिर्माण (7.7%) और निर्माण (7.6%) दोनों ने 7.5% की वृद्धि दर को पार कर लिया।
तीसरे क्षेत्र ने स्थिर मूल्यों पर 9.3% की मजबूत वृद्धि दर्ज की , जो वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के 6.8% से अधिक है।

अप्रैल-जून 2025 में विकास में आई तेज़ी सेवा क्षेत्र की 9.3% की उच्च दर से प्रेरित है। सेवा क्षेत्र के सभी घटक, जैसे व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाएँ, वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएँ तथा लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाएं, तेज़ी से बढ़ रही हैं। जीवीए वृद्धि, जिसे गतिविधि स्तरों का एक सार्थक मादंनड माना जाता है जो अप्रैल-जून 2025 में 7.6% के उच्च स्तर पर पहुंच गई। जीवीए की गणना सकल घरेलू उत्पाद से शुद्ध अप्रत्यक्ष करों (सब्सिडी समायोजन के बाद अप्रत्यक्ष करों) को घटाकर की जाती है।

उल्लेखनीय है कि भारत का 2027 तक सकल घरेलू उत्पाद 4,26,45,000 करोड़ रुपये (5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचने का अनुमान है और 2028 तक यह जर्मनी से आगे निकल जाएगा। 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।