वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह के एक हिस्से के तहत मंगलवार को पृथ्वी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के रफी ​​मार्ग स्थित सीएसआईआर मुख्यालय भवन में भारत की सबसे बड़ी जलवायु घड़ी स्थापित और एक्टिव की। यह आयोजन जलवायु परिवर्तन और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के तौर पर किया गया।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में बताया, सीएसआईआर मुख्यालय में भारत की सबसे बड़ी जलवायु घड़ी सक्रिय की गई। इस अवसर पर आईआईटी, बॉम्बे के प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को ऊर्जा साक्षर होने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यथासंभव ऊर्जा के उपयोग से बचने या कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

वहीं दूसरी ओर सभा को संबोधित करते हुए, सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी ने कहा कि पृथ्वी दिवस हमारे लिए पर्यावरण की रक्षा के लिए एक रिमाइंडर है। उन्होंने बताया कि सीएसआईआर-एनर्जी स्वराज फाउंडेशन एमओयू के तहत, सीएसआईआर में बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने ऊर्जा साक्षरता प्रशिक्षण लिया है। ज्ञात हो कि फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गई जलवायु घड़ियाँ अधिकांश सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में स्थापित की गई हैं।

हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन का संकल्प लेने के लिए दुनिया भर में मनाया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। बता दें कि पृथ्वी दिवस पहली बार 1970 में मनाया गया था।

 

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