भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियाँ बन रही हैं विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत

विश्व विज्ञान दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और नितिन गडकरी ने कहा कि भारत आज अपने वैज्ञानिक शोध, नवाचार और ज्ञान आधारित प्रगति से पूरी दुनिया को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ न केवल राष्ट्रीय विकास को गति दे रही हैं, बल्कि वैश्विक प्रगति और मानव कल्याण को भी नई दिशा दे रही हैं।

हर साल 10 नवंबर को ‘विश्व विज्ञान दिवस’ (World Science Day) मनाया जाता है, ताकि समाज में विज्ञान की भूमिका और उसके शांति व विकास से संबंध को रेखांकित किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, “विश्व विज्ञान दिवस पर हम भारत की बढ़ती वैज्ञानिक और तकनीकी नेतृत्व क्षमता का उत्सव मनाते हैं — एक ऐसा देश जहां नवाचार (innovation) प्राचीन ज्ञान से मिलता है और खोज विकास को दिशा देती है।”

उन्होंने आगे कहा, “विश्वगुरु बनने की दृष्टि के साथ भारत अपनी वैज्ञानिक प्रगति और ज्ञान-आधारित प्रयासों से दुनिया को प्रेरित करता रहेगा, और एक उद्देश्यपूर्ण, वैश्विक प्रगति से भरा भविष्य गढ़ेगा।”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “इस विश्व विज्ञान दिवस पर हमें उस ज्ञान और नवाचार की शक्ति का उत्सव मनाना चाहिए जो एक टिकाऊ (sustainable) भविष्य को आकार देता है। विज्ञान हमें धरती की सबसे बड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में मार्गदर्शन करता रहे, यही हमारी कामना है।”

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विज्ञान दुनिया को समझने और सभी के लिए बेहतर भविष्य बनाने की कुंजी है।

संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि ‘अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह’ (International Week of Science and Peace) की शुरुआत वर्ष 1986 में “अंतर्राष्ट्रीय शांति वर्ष” के हिस्से के रूप में की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, “यह वार्षिक आयोजन विज्ञान और शांति के संबंध को मजबूत करता है और इस विषय पर अकादमिक संवाद तथा जनजागरूकता दोनों को बढ़ावा देता है।”