उत्तराखंड के देहरादून में आज मंगलवार को “राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद” संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति में बुनियादी बदलाव आया है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान बताया, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था। राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले को भारत की सामाजिक एकता पर सीधा हमला बताया और कहा कि सरकार ने इसका निर्णायक जवाब देते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को खत्म किया। उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर शांति और विकास के मार्ग पर है, जिसे हमारे दुश्मन पचा नहीं पाए और उन्होंने आतंकवाद का सहारा लिया।” उन्होंने यह भी कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन इस विकास की प्रतीक है, और विश्वास जताया कि “जल्द ही पीओके कहेगा -मैं भी भारत हूं।”
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को “ग्लोबल टेररिज्म का जनक” करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तान पर रणनीतिक, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाएं। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवादियों की नर्सरी बताया जो उन्हें प्रशिक्षण और शरण देता है और धार्मिक या वैचारिक आधार पर आतंक को उचित ठहराने की कोशिश करता है। राजनाथ सिंह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पाकिस्तान को अपनी काउंटर-टेररिज्म पैनल का उपाध्यक्ष बनाए जाने के फैसले को “चौंकाने वाला और विरोधाभासी” बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को संरक्षण दिया है, ऐसे में इस तरह का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “पाकिस्तान को फंड देना, आतंक को फंड देने के बराबर है।” राजनाथ सिंह ने दुनिया से अपील की कि वे पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को रोकें ताकि वह उसका उपयोग आतंकवाद को पालने में न कर सके। स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में ‘मेड-इन-इंडिया’ हथियार और रक्षा प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि “भारत अब विदेशी रक्षा उपकरणों पर पूरी तरह निर्भर नहीं है।” रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन 2014 में ₹40,000 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹1.3 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, और रक्षा निर्यात ₹23,622 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। इस वर्ष के लिए ₹1.75 लाख करोड़ उत्पादन और ₹30,000 करोड़ निर्यात का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2029 तक यह लक्ष्य बढ़ाकर ₹3 लाख करोड़ उत्पादन और ₹50,000 करोड़ निर्यात रखा गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 10 पॉजिटिव इंडीजेनाइजेशन लिस्ट जारी की हैं जिनमें 5,500 से अधिक वस्तुएं शामिल हैं, ताकि स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।राजनाथ सिंह ने जानकारी युद्ध को लेकर भी चेतावनी दी और बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने फर्जी खबरों और झूठे कंटेंट के जरिए भारतीय जनता का मनोबल गिराने की कोशिश की। उन्होंने नागरिकों से “सोशल सोल्जर” बनने की अपील की ताकि वे सोशल मीडिया और साइबर स्पेस में गलत सूचना का मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा, “साइबर सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।”
मीडिया की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वे “स्पीड नहीं, सटीकता” को प्राथमिकता दें और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग करें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सहित वैश्विक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “जब दुनिया से आतंकवाद खत्म होगा, तभी हम वैश्विक शांति, समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ सकेंगे।”-(with Ani input)


